गोल्फ कोर्स रोड स्थित डब्ल्यू प्रतिक्षा अस्पताल में एक महिला के स्तन से 4 किलो का ट्यूमर निकाला गया है। चिकित्सकों का दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ट्यूमर है। डॉक्टरों के मुताबिक प्रति 21 में से एक भारतीय महिला को अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने का खतरा मंडराता है। समय पर जांच करवा इसका पता लगाया जा सकता है।
महिला का इलाज करने वाले डॉ. रोहन खंडेलवाल ने बताया कि मामला तब सामने आया जब तेजी से बढ़ रहे स्तन से चिंतित एक महिला मंजू (बदला हुआ नाम) अस्पताल में जांच के लिए आई। जांच करने पर पता चला कि महिला के स्तन में एक गांठ है। जिसका आकार 15 × 15 सेंटीमीटर है और उसने पूरे स्तन को घेरा हुआ है।
बाईओप्सी के जरिये जांच करने पर पता चला कि महिला को फिलोड़्स ट्यूमर’ है। यह बेहद एडवांस स्टेज में था। सर्जरी कर महिला के स्तन से ट्यूमर निकाला गया। जिसका वजन करने पर वह चार किलो का निकला। दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा ट्यूमर था।
डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि महिलाओं को 30 वर्ष से अधिक आयु के बाद वर्ष में एक बार जरूर अपनी जांच करानी चाहिए। 40 साल के बाद मैमोग्राफी वार्षिक आधार पर की जानी चाहिए। समय पर जांच कर इस तरह के कैंसर से बचा जा सकता है।