दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद जम्मू कश्मीर के चार जेहादी युवकों में से दो बैंक खातों में जम्मू कश्मीर से काफी पैसे आया। युवकों के बैंक खातों में जम्मू कश्मीर से अलग-अलग जगहों से पैसा भेजा गया। युवकों ने अपने बैंक खातों से दिल्ली में करीब चार से पांच लाख रुपये निकाले। दिल्ली पुलिस को युवकों के मोबाइल से पैसे आने व निकाले जाने के मैसेज के तौर पर सबूत मिले हैं।
दूसरी तरफ इन जेहादी युवकों का हैंडलर अब्दुल रहमान नाम का व्यक्ति है। ये व्यक्ति पाकिस्तान में भी हो सकता है। देश की सुरक्षा एजेंसियां इसकी पहचान करने में लगी हुई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मान रही है कि हैंडलर का नाम कोड वर्ड में भी हो सकता है।
स्पेशल सेल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अलकायदा की सरपरस्ती में खड़ा हुआ संगठन अंसार गजवा-तुल-हिंद के गिरफ्तार चार युवकों में से दो इशफाक मजीद कोका और अल्ताफ अहमद डार के बैंक खातों में पैसा आया था। अहमद डार इशफाक की दुकान में सेल्समेन का काम करता था। सबसे ज्यादा पैसा अहमद डार के बैंक खाते में आया था। इसके खाते में तीन लाख रुपये से ज्यादा आए हैं। इसके बाद इश्फाक के बैंक खाते में जम्मू कश्मीर से पैसे आए हैं। दोनों के बैंक खातों में पिछले एक सप्ताह पैसा का खूब लेन-देन हुआ है। दोनों को अहमद डार के मोबाइल से ये सबूत मिले हैं। हालांकि उसने कुछ मैसेज को डिलीट कर दिया है। इश्फाक का मोबाइल ऑन नहीं हो रहा है। स्पेशल सेल चारों ही जेहादी युवकों के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।
दिल्ली में पैसे अलग-अलग जगहों से एटीएम से निकाले गए हैं। पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि बैंक से पैसा निकालकर इन्होंने हथियार खरीदे। पुलिस जम्मू कश्मीर के उन लोगों के बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है जिन्होंने इनके बैंक खातों में पैसे भेजे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं हवाला के जरिए इनके बैंक खातों में तो पैसा नहीं भेजा गया था। इश्फाक के छोटे भाई छोटा बुरहान को सुरक्षा बलों ने जम्मू कश्मीर में मुठभड़े में मार गिराया था। जेहादी युवकों ने बताया कि जेहादी में मुठभेड़ में मारे जाने आतंकियों को आतंकी संगठन शहीद कहते है और मरने वाले आतंकी आर्थिक सहायता करते हैं। ऐसे में ये देखा जा रहा है कि इश्फाक के बैंक खातों में पैसा कहां से आया।