गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल मेें छात्र प्रद्युम्न की हत्या के बाद निजी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। इस मामले में प्रदेश सरकार की किरकिरी हुई है। साइबर सिटी में हुुए इस मामले ने जिला शिक्षा विभाग को सतर्क कर दिया है।
सुरक्षा नीति लागू कराने के लिए मांगे गए दस्तावेज में जिले के स्कूलों की मनमानी सामने आई है। फरीदाबाद जिले के 490 निजी स्कूलों में से सिर्फ 3 स्कूलों ने अपनी सुरक्षा पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज को विभाग के साथ साझा किया है। शेष स्कूलों पर अब एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल, सोमवार को सेक्टर-16 स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय में सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज की प्रति जमा कराने का अंतिम दिन था। दोपहर एक बजे तक सिर्फ 3 स्कूलों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था के मामले में रुचि दिखाई।
290 गैर मान्यता वाले स्कूल हैं
- फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद एवं बल्लभगढ़ ब्लॉक कार्यालय की तरफ से अंतिम दिन दोपहर तक दस्तावेज जमा नहीं कराए गए। जबकि जिले मेें पंजीकृत स्कूलों की संख्या करीब 490 है। इन स्कूलों में करीब दो लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन है। इसके अलावा गैर मान्यता वाले स्कूल भी करीब 290 के आसपास चल रहे हैं, जो विद्यार्थियों को जान जोखिम भरी शिक्षा दे रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, विभाग ने इन तीन स्कूलों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने सुरक्षा उपाय को लागू कराने के लिए निजी स्कूलों की बैठक ली थी, जिसमें स्कूलों को इस पर काम करने के निर्देशित किया था।
जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट
जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूलों को नोटिस भेजे गए। स्कूलों ने अपनी तरफ से दस्तावेज की प्रति नहीं भेजी। इसके बारे में पत्र के जरिये जिला प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है। स्कूलों पर कार्रवाई जिला प्रशासन की तरफ से की जाएगी।
- सतेंद्र कौर वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
जिला उपायुक्त के निर्देश पर होगी कार्रवाई
स्कूलों की सुरक्षा के लिए जिला उपायुक्त ने निर्देश दिए। जिला शिक्षा विभाग की तरफ से रिपोर्ट नहीं पहुंची है। रिपोर्ट प्राप्त होते ही जिला उपायुक्त के निर्देशन में कार्रवाई होगी। क्या कार्रवाई होगी, यह रिपोर्ट प्राप्त होने पर बताया जाएगा।
- बलीना, नगराधीश, फरीदाबाद