पुलिस ने आस पास रहने वाले किन्नरों से पूछताछ की। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन मोहित को चार किन्नर कुलदीप उर्फ किरण, संदीप उर्फ संध्या, अजय उर्फ डॉली और अनिल उर्फ अनामिका खोज रहे थे।
पुलिस ने इस सूचना पर चारों किन्नरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। आरोपियों अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि मोहित ने उनका 65 हजार रुपये की चोरी कर ली थी।
15 दिसंबर को उन लोगों ने मोहित को पकड़ा और उसे लेकर संदीप के मंगोलपुरी स्थित घर पर ले गये। जहां पूछताछ के दौरान उन लोगों ने मोहित की पिटाई शुरू कर दी और तब तक मारते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गयी। 16 दिसंबर को उन लोगों ने दिन भर मोहित के शव को घर में रखा और रात में शव को पेट्रोल पंप के पास लाकर उसे फेंक दिया।