संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
तीस हजारी कोर्ट ने पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में 2017 में 17 वर्षीय किशोर की हत्या में चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि सभी आरोपियों ने साझा इरादे से किशोर की हत्या की और हमले में सक्रिय भूमिका निभाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पूजा तलवार की अदालत ने रामू, सोनू, मुन्ना पासवान और राहुल को हत्या का दोषी ठहराते हुए प्रत्येक दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले के अनुसार, 5 फरवरी 2017 की रात 17 वर्षीय मनोज सब्ज़ी खरीदने के लिए कीर्ति नगर चौक के पास मंडी गया था। वहीं चारों आरोपियों ने उसे घेर लिया और चाकू तथा प्लास्टिक के पाइप से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनोज को उसके भाई ने आचार्य भिक्षु अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में सामने आया कि सोनू ने मनोज के मोहल्ले में रहने वाली एक लड़की के साथ बदतमीजी की थी। इस पर मनोज ने उसे चेतावनी दी थी। इसी बात से नाराज होकर सोनू ने बदला लेने की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर हमला किया।
अदालत ने मुख्य प्रत्यक्षदर्शी के रूप में मनोज के भाई की गवाही को भरोसेमंद माना। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर किसी गवाह की गवाही को खारिज नहीं किया जा सकता कि वह पीड़ित का रिश्तेदार है। अदालत के अनुसार, गवाही की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है, न कि गवाहों की संख्या। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रत्यक्षदर्शी की गवाही मेडिकल साक्ष्यों से भी मेल खाती है। इसके आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (पश्चिम) को निर्देश दिया कि पीड़ित के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।