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फर्जी कंपनी बनाकर बैंकों से लोन लेकर ऐंठे 10 करोड़, तीन सगे भाई समेत चार गिरफ्तार

Wed, 07 Aug 2019 10:16 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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चार बदमाश - फोटो : Amar Ujala
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फर्जी कंपनी बनाकर बैंकों से 10 करोड़ से अधिक का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का खुलासा नोएडा एसटीएफ ने किया है। एसटीएफ ने तीन सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को बुधवार दोपहर सेक्टर-122 स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया है। इनके पास से 60 हजार की नेपाली करेंसी मिली है। एसटीएफ ने आरोपियों के खातों में जमा 22 लाख रुपये जब्त कर लिए हैं।  

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एसटीएफ की टीम ने सेक्टर-82 जनता फ्लैट निवासी मनोज कुमार ठाकुर, संजय कुमार ठाकुर, अनिमेश कुमार ठाकुर और सेक्टर-22 निवासी अजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है। मनोज, संजय व अनिमेश तीनों भाई हैं। गिरोह का सरगना मनोज ठाकुर है। आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते थे। फिर कर्मचारियों के नाम पर बैंक से  लोन लेते थे। लोन लेने के बाद आरोपी ऑफिस बंद करके फरार हो जाते थे।

एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह ने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेकर बैंकों के साथ फर्जीवाड़ा किया है। जांच में पता चला है कि आईसीआईसी बैंक से 2 करोड़ और सिटी बैंक से 10 लाख रुपये का लोन हाल में ही लिया था। यह लोन टेक डेटा कंपनी के माध्यम से लिया गया था। इसके अलावा दो अन्य कंपनियों के नाम पर भी करोड़ों रुपये लोन लिए गए। आरोपियों के विभिन्न बैंक में 56 खातों का पता चला है। आरोपी 2014 से ठगी कर रहे थे।
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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा

सरगना मनोज कुमार ठाकुर ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपने भाइयों व अन्य लोगों के नाम पर तीन फर्जी कंपनियां सेक्टर-63 में टेक डेटा, सेक्टर-10 में न्यू जेन व कंप्यूटर एसोसिएट्स बनाई। इन कंपनियों के अकाउंट विभिन्न बैंकों में खोले गए। इसके बाद फर्जी कर्मचारियों के नाम से खाते खोले गए। कर्मचारियों के खाते में कुछ महीने तक पैसे डाले गए, ताकि बैंक को विश्वास हो जाए। इसके बाद ये आरोपी कथित कंपनी कर्मचारियों के नाम पर पर्सनल व कार लोन लेते थे। बैंक को एक या दो किश्त देकर ये लोग फरार हो जाते थे। इस तरह इन लोगों ने दस करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया है।

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ये हुई बरामदगी

इनके पास से 60 हजार नेपाली करेंसी, 23 हजार रुपये, 42 पैन कार्ड,  एक नेपाली पासपोर्ट, दो नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र,  8 आधार कार्ड, 24 वोटर कार्ड, 56 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, विभिन्न सरकारी विभाग व बैंक की 17 मोहर, 44 बैंक चेक बुक, 21 पासबुक, 25 मोबाइल, 3 खाली भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस बुक,  30 एंप्लाई कार्ड, 21 सिम, 35 सैलरी स्लिप, 3 लग्जरी कारों सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।

ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज

आरोपी फर्जी कंपनी खोलने के लिए पहले फर्जी प्रपत्र तैयार करते थे। इसके लिए किसी भी शख्स का फोटो गूगल से उठाकर आधार व पैन कार्ड पर लगा देते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक में खाता खुलवाते थे जिनका खाला खुलवाया जाता था उन्हें कंपनी में कर्मचारी बताया जाता था। बैंक को भरोसे में लेने के लिए फर्जी कर्मचारियों के खाते में कई महीने तक पैसे डालते थे, लेकिन कुछ दिन में ही निकाल लेते थे।

नेपाल में परिवार को किया शिफ्ट

मनोज ने माता-पिता को नेपाल में भेज दिया था। फर्जीवाड़े की कमाई को नेपाल में ही निवेश कर रहा था। आरोपियों ने नेपाल में प्रॉपर्टी व गोल्ड में काफी पैसा लगाया। इनके पास कई लग्जरी कारें भी हैं। एसटीएफ इनकी प्रॉपर्टी के बारे में पता लगा रही है।

फर्जी कंपनी खोलकर फर्जी कर्मचारियों के नाम से लोन लेकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे नेपाली करेंसी मिली है। इनके बैंक खातों में जमा 22 लाख रुपये को जब्त करा दिया गया है- राजकुमार मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ
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