इनके पास से 60 हजार नेपाली करेंसी, 23 हजार रुपये, 42 पैन कार्ड, एक नेपाली पासपोर्ट, दो नेपाली नागरिकता प्रमाणपत्र, 8 आधार कार्ड, 24 वोटर कार्ड, 56 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, विभिन्न सरकारी विभाग व बैंक की 17 मोहर, 44 बैंक चेक बुक, 21 पासबुक, 25 मोबाइल, 3 खाली भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस बुक, 30 एंप्लाई कार्ड, 21 सिम, 35 सैलरी स्लिप, 3 लग्जरी कारों सहित अन्य सामान बरामद किया गया है।
ऐसे तैयार करते थे फर्जी दस्तावेज
आरोपी फर्जी कंपनी खोलने के लिए पहले फर्जी प्रपत्र तैयार करते थे। इसके लिए किसी भी शख्स का फोटो गूगल से उठाकर आधार व पैन कार्ड पर लगा देते थे। इसके बाद फर्जी दस्तावेज के आधार पर बैंक में खाता खुलवाते थे जिनका खाला खुलवाया जाता था उन्हें कंपनी में कर्मचारी बताया जाता था। बैंक को भरोसे में लेने के लिए फर्जी कर्मचारियों के खाते में कई महीने तक पैसे डालते थे, लेकिन कुछ दिन में ही निकाल लेते थे।
नेपाल में परिवार को किया शिफ्ट
मनोज ने माता-पिता को नेपाल में भेज दिया था। फर्जीवाड़े की कमाई को नेपाल में ही निवेश कर रहा था। आरोपियों ने नेपाल में प्रॉपर्टी व गोल्ड में काफी पैसा लगाया। इनके पास कई लग्जरी कारें भी हैं। एसटीएफ इनकी प्रॉपर्टी के बारे में पता लगा रही है।
फर्जी कंपनी खोलकर फर्जी कर्मचारियों के नाम से लोन लेकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे नेपाली करेंसी मिली है। इनके बैंक खातों में जमा 22 लाख रुपये को जब्त करा दिया गया है- राजकुमार मिश्रा, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ