नई दिल्ली।
दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने बीमा पॉलिसी रिन्यूअल करवाने के नाम पर लोगों खासकर सीनियर सिटीजंस के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गांधी नगर निवासी सुनील कुमार रावत (38), राहुल (28), सोनू (37) और शिवम उर्फ मोनू (26) के कब्जे से दो लाख रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन, फर्जी बीमा दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। सुनील गिरोह का मास्टरमाइंड हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि साइबर थानाध्यक्ष प्रवेश कौशिक को एक सीनियर सिटीजन ने ठगी की शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में बताया कि उसे अंजान नम्बर से व्हाट्सएप कॉल आई और कॉल करने वाले ने बताया कि उसकी बीमा पॉलिसी का चार लाख रुपये का प्रीमियम बकाया है। अगर यह बकाया जल्द नहीं जमा कराया गया तो पॉलिसी पर मिलने वाले सभी फायदे खत्म हो जाएगे। पॉलिसी रद्द हो जाएगी। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने उनके बताए खाते में चार रुपये की रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में पीड़ित ने पॉलिसी की जांच तो पाया कि उनके साथ ठगी हुई है। मामला दर्जकर इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिश, इंस्पेक्टर कुलवीर सिंह और एसआई चेतन राणा की टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों की पड़ताल और डिजिटल ट्रेल के आधार पर मुख्य आरोपी सुनील कुमार रावत को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर राहुल, सोनू और शिवम उर्फ मोनू को भी दबोच लिया गया। पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जांच जारी है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अभिमन्यु पोशवाल ने बताया कि सबसे पहले शिवम फर्जी या फिर दूसरे लोगों के नाम पर हासिल किए गए सिम कार्डों का इंतजाम करता था। सिम कार्ड मिलने के बाद सुनील कुमार रावत इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कर लोगों को व्हाट्सएप कॉल करता था। वह खुद को देश की प्रतिष्ठित बीमा या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताता था। जिसके बाद वह पीड़ित को विश्वास दिलाता था कि उसकी बीमा पॉलिसी समाप्त हो चुकी है या फिर होने वाली है।