फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi High Court: बच्ची की कस्टडी पर मां की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- तथ्य छिपाए गए

Mon, 15 Jun 2026 07:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव बाजपेई, नई दिल्ली

सार

अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता सोम्या गोयल ने सिंगापुर में चल रही न्यायिक कार्यवाही और वहां दिए गए आदेशों की जानकारी छिपाई, जिससे यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं रह गई।
 
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अंतरराष्ट्रीय बाल कस्टडी विवाद में मां की हेबियस कॉर्पस याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता सोम्या गोयल ने सिंगापुर में चल रही न्यायिक कार्यवाही और वहां दिए गए आदेशों की जानकारी छिपाई, जिससे यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं रह गई।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दुदेजा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि चार वर्षीय बच्ची का जन्म और पालन-पोषण सिंगापुर में हुआ है। बच्ची ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित है और उसे वहां विशेष चिकित्सा, देखभाल और शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में उसके हित को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था बनाए रखना उचित होगा।

सोम्या गोयल ने पति राजरामन कार्तिक के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके साथ क्रूरता की गई और बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरती गई। उन्होंने अदालत से बच्ची को भारत लाने की अनुमति देने की मांग की थी।हालांकि, पति की ओर से अदालत को बताया गया कि सिंगापुर की फैमिली जस्टिस कोर्ट पहले ही इस मामले पर फैसला दे चुकी है।
विज्ञापन


नवंबर 2025 में दिए गए आदेश में मां की भारत लौटाने संबंधी मांग खारिज कर दी गई थी। सिंगापुर अदालत ने बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति, उसके वजन में सुधार और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पिता के पास कस्टडी बनाए रखने को उचित माना था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने इन महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा नहीं किया, जो अदालत की विवेकाधीन अधिकारिता का दुरुपयोग है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हेबियस कॉर्पस याचिका के दायरे में कस्टडी से जुड़े जटिल तथ्यों की विस्तृत जांच संभव नहीं है और ऐसे विवादों का उचित मंच फैमिली कोर्ट है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें