दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी होटल की रेटिंग दिलवाकर पैसे कमाने का झांसा देकर ठगी करते थे। आरोपियों के दो बैंक खातों में पिछले पांच महीनों में छह करोड़ से ज्यादा का लेन-देन हुआ है। आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 10 बैंक पासबुक/चेक बुक और 4 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ ग्यारह और एनसीआरपी शिकायतें एमएचए पोर्टल पर पाई गईं। मास्टरमाइंड विकास आहूजा ने आईपी यूनिवर्सिटी से मार्केटिंग में एमबीए किया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा के अनुसार राजनगर पार्ट- दो, आंबेडकर नगर मार्ग, नई दिल्ली निवासी मनीष कुमार मीणा ने नौ जनवरी को शिकायत थी कि कुछ लोगों ने दो जनवरी को अज्ञात व्यक्तियों ने एक कंपनी में वर्क फ्रॉम होम के लिए टेलीग्राम पर उनसे संपर्क किया। प्रारंभ में, उन्हें ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर विभिन्न व्यंजनों को रेटिंग देने की पेशकश की गई थी। उनसे कहा गया था कि उन्हें प्रत्येक रेटिंग का 1,000 से 1,500 रुपये कमीशन मिलेगा। बाद में पीडि़त से मोटी रकम जमा करा ली।
आरोपियों ने पीडि़त से 5,37,852 रुपये ठग लिए। मामला दर्जकर इंस्पेक्टर विकास कुमार बुलडक की देखरेख में एसआई सुमित, हवलदार मनेंद्र व विजयपाल की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने उन बैंक खातों की डिटेल खंगाली जिनमें ठगी की रकम गई थी। पता लगा बैंक खाते धनुष एंटरप्राइजेज व वी वी ट्रेडर्स के नाम से रेगड़पुरा, करोलबाग के पत्ते पर खुले हुए हैं।
ये खाते टीकमगढ़, मध्यप्रदेश निवासी संदीप कुमार रायकवार और नरेंद्र कुमार बंशकार के नाम हैं। इन बैंक खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि इन खातों में करीब छह करोड़ की ठगी की रकम का लेनदेन हुआ है। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी दिल्ली निवासी अजय उर्फ अजू बंशकर को गिरफ्तार कर लिया गया।