गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शुभदीप सिंह, गुरजंट सिंह, साजन सिंह और गगनप्रीत के रूप में हुई है। इन्हें आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के निर्देश पर काम करने के आरोप में पकड़ा गया है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। ये नंबर उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।
स्पेशल सेल ने आरोपियों के पास से दो विदेशी पिस्तौल और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। एक आरोपी गगनप्रीत को दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी करने का काम सौंपा गया था। उसे दिल्ली में गोलीबारी की घटना को अंजाम देने का भी निर्देश दिया गया था।
स्पेशल सेल को पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शाहजाद भट्टी द्वारा दिल्ली-एनसीआर में आतंकी घटना की योजना की विश्वसनीय जानकारी मिली थी। इनपुट से पता चला कि उन्होंने पंजाब से युवाओं की भर्ती की थी। खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई छापे मारे गए। पहली गिरफ्तारी अमृतसर से शुभदीप सिंह की हुई, जिसके पास से एक पिस्तौल, पांच कारतूस और दो मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में उसने ड्रोन के जरिये हथियार और नशीले पदार्थ मिलने की बात कबूली।
जांच के दौरान शुभदीप के दो सहयोगी गुरजंट सिंह और साजन सिंह को पंजाब से पकड़ा गया। उनके पास से एक जिगाना पिस्तौल, चार कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। बाद में, 24 अप्रैल, 2026 को गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक सबूत मिले हैं। गगनप्रीत को पाकिस्तानी हैंडलरों ने दिल्ली में पुलिस थानों और पिकेट की वीडियो बनाने का काम दिया था।