शाम को की गई मकान व रास्तों की रेकी
योजना के तहत लियाकत ने अपने अन्य साथियों को जोड़ा। घटना वाले दिन शाम के समय आरोपी साहुन ने दो बदमाशों को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर पीड़ित के घर के आसपास के इलाकों और वहां आने-जाने वाले सभी रास्तों की बारीकी से रेकी करवाई थी, ताकि भागने में कोई परेशानी न हो।
कार से पहुंचे थे सात आरोपी, ऐसे दिया अंजाम
योजना के मुताबिक, लियाकत के कहने पर सात आरोपी निजाम, तयूब, रिहान, सलीम, हैदर अली, आरिफ और मोसीब गाड़ी में सवार होकर फतेहपुर तगा गांव पहुंचे। गत 25-26 सितंबर की दरमियानी रात करीब दो बजे सभी आरोपी पीड़ित के घर के बाहर पहुंचे। इनमें से पांच बदमाश घर के अंदर घुसे, जबकि दो आरोपी गाड़ी लेकर थोड़ा दूर निगरानी के लिए खड़े हो गए।
वारदात के बाद मुंबई-महाराष्ट्र भागे थे आरोपी
डकैती की इस वारदात के बाद आरोपी बेहद चालाकी से फरीदाबाद से भाग कर मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में छुप गए थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें। हालांकि, अपराध शाखा सेक्टर-30 की तकनीकी सर्विलांस और खुफिया टीम ने जाल बिछाकर आखिरकार चार आरोपियों को दबोच लिया।
पीड़ित की जुबानी: जब घर में बोला गया धावा
फतेहपुर तगा निवासी पूर्व सरपंच और प्रॉपर्टी डीलर अब्दुल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 25 सितंबर को ही अपने पुराने मकान से नए मकान में सामान शिफ्ट किया था। चूंकि 26 सितंबर को उन्हें जमीन की कई रजिस्ट्रियां करानी थीं, इसलिए घर में मोटी रकम रखी थी। रात करीब 2:10 बजे 4-5 नकाबपोश बदमाश घर के अंदर घुस आए। उस वक्त अब्दुल अकेले थे और गहरी नींद में थे। बदमाशों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल तान दी और तुरंत कमरे की चाबी मांगते हुए उनके हाथ, मुंह और पैर रस्सियों से चारपाई पर बांध दिए। इसके बाद बदमाशों ने रॉड से कमरे और संदूक के ताले तोड़कर अलमारी में रखी एक करोड़ चार लाख 80 हजार रुपये की पूरी नकदी समेट ली और उसी टूटी दीवार के रास्ते भाग गए।
एसीपी वरुण कुमार दहिया ने बताया कि गिरफ्तार सभी चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान इनसे लूटी गई रकम की बरामदगी, वांछित चल रहे अन्य साथियों (जैसे लियाकत और अन्य) की धरपकड़ और डकैती में प्रयुक्त हथियारों व वाहनों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।