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फोर्टिस ने महिला की जगह थमा दिया पुरुष का शव, परिजनों ने किया हंगामा

Tue, 21 Aug 2018 11:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल ने महिला की जगह परिजनों को किसी पुरुष का शव थमा दिया। परिजन शव को लेकर घर आ गए। यहां महिला की जगह पुरुष का शव होने का पता चला। उसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा किया, तब जाकर अस्पताल ने महिला का शव दिया। हालांकि, मामले की शिकायत पुलिस ने नहीं की गई है।

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दरअसल, बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के महावड़ गांव निवासी महिला बाला देवी (54) बीमार चल रही थी। परिजनों ने उनको नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां 18 अगस्त को महिला की मौत हो गई। अस्पताल ने शव को कपड़े में सील करके शवगृह में रख दिया। 

परिजन शव लेने गए तो अस्पताल प्रबंधन ने किसी पुरुष का शव परिजनों को थमा दिया। रोते-बिलखते परिजन बिना शव देखे गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। जब शव से कपड़ा हटाया गया तो पुरुष का शव होने का पता चला। 
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आनन-फानन में परिजन व ग्रामीण शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। इसके बाद अस्पताल ने महिला का शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।

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गलती को तुरंत सुधार लिया गया

अस्पताल प्रबंधन पर लगते रहे हैं आरोप
अस्पताल में पहले भी लापरवाही को लेकर कई बार मामले सामने आए हैं। लोगों का आरोप है कि एक बार मरीज के  आपरेशन के बाद डॉक्टरों ने तौलिया ही पेट में छोड़ दिया था। जबकि एक घटना में व्यक्ति की मौत के बाद भी परिजनों को शव नहीं दिया गया था। 

शिकायत की थी तो पुलिस की मौजूदगी में मामला निपटाया गया था। इसके अलावा एक परिवार ने गलत ऑपरेशन करने का भी आरोप लगाया था। जबकि कुछ दिन पहले सबसे महंगा इलाज करने के मामले में भी खूब सुर्खियों में रहा था। 

गलती को तुरंत सुधार लिया गया
फोर्टिस अस्पताल के पीआर विभाग ने बताया कि 18 अगस्त को 15 मिनट के अंतराल में एक महिला और एक पुरुष की मृत्यु हो गई थी। अस्पताल ने बेहतर इलाज दिया था, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। 

अंतिम औपचारिकताओं के दौरान मोर्चरी अधिकारी की सलाह के बावजूद मृत रोगियों में से एक का परिवार शारीरिक रूप से पहचान सत्यापित करने में असफल रहा। इसी वजह से पुरुष रोगी के शरीर को दूसरा परिवार ले गया। हालांकि, इस गलती को तुरंत सुधार लिया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।

शव बदलने के मामले की सूचना मिली है, लेकिन किसी की ओर से अभी तक अस्पताल के खिलाफ शिकायत नहीं दी गई है। यदि परिजनों की ओर से इस संबंध में कोई शिकायत आएगी तो जांच करके संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। - पंकज राय, इंस्पेक्टर थाना सेक्टर-58 
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