कुर्बानी का पर्व बकरीद यानी ईद-उल-अजहा आज है। हजरत इब्राहिम अली के कुर्बानी पैगाम को लेकर आने वाले इस पर्व को शहर के लोग कुछ अलग अंदाज में मनाने की तैयारी में हैं। लोग अपने प्रिय जानवरों की कुर्बानी देकर यह त्योहार मनाते हैं, लेकिन इस साल कुर्बानी के साथ-साथ लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ने का चलन भी नजर आ रहा है। बकरीद पर लोग कुछ पैसे केरल के जरूरतमंदों को भेजने की बात कर रहे हैं। इसको आगे बढ़ाने के लिए लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रीब्यूल्ड केरला हैशटेग के साथ एलके हुरकत नामक ट्विटर यूजर ने पोस्ट किया है कि सभी मुस्लिम भाइयों से अपील है कि इस साल किसी जानवर की कुर्बानी की बजाय केरल के लिए पैसे दान करें। अनीका रसीद नामक ट्विटर यूजर ने भी लिखा है कि सभी मुस्लिमों से विनती है, इस बार बकरीद में बकरा न काट के उन पैसों को केरल में बाढ़ पीड़ितों के लिए दान दें।
वहीं सेक्टर-8 स्थित जामा मस्जिद के मौलाना फज्जर्लुरहमान ने कहा कि यदि लोग दूसरों की भलाई सोच रहे हैं, तो यह अच्छी बात है। हदीस के अनुसार यदि आपका पड़ोसी भूखा है तो आप घर में पकवान बनाएं यह सही नहीं है। यदि पड़ोसी को आपके खाने से दिक्कत है तो उसका भी ख्याल रखा जाए।
हमारे देश के लोग परेशानी में हैं तो ऐसे में पर्व की खुशी फीकी पड़ जाती है। लोगों से अपील है कि बकरीद पर जो रस्में हैं उनके अनुसार पर्व मनाए, लेकिन जाति-धर्म भूलाकर केरल में फंसे लोगों की मदद के लिए भी आगे आएं।