दिल्ली के साकेत कोर्ट ने टेरी के प्रमुख आरके पचौरी को शुक्रवार को उनके खिलाफ दायर मामले में छेड़छाड़ के आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। पर्यावरणविद पचौरी उनकी ही एक सहकर्मी ने मामला दर्ज कराया था। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अक्तूबर की तारीख तय की है। हालांकि, अदालत ने पचौरी को कुछ अन्य धाराओं से बरी कर दिया।
गौरतलब है कि 13 फरवरी 2015 में पचौरी के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था। इस मामले में 21 मार्च को उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई थी। अदालत का आदेश आने के बाद पीड़िता ने कहा कि यह राहतभरा आदेश है। उसने कहा कि यह आसान नहीं था, सच्चाई सामने लाने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
बता दें कि उनकी एक सहकर्मी ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद फरवरी 2016 में एक अन्य महिला ने ऐसे ही आरोप लगाए। दूसरी महिला के अनुसार उसके साथ ये सब दस साल पहले हुआ। इस महिला ने टेरी को उन्हें कार्यकारी उपाध्यक्ष नियुक्त करने की आलोचना भी की थी।