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माया के अधिकारी के घर से मिली इतनी संपत्ति की उद्योगपतियों के भी छूट जाएंगे पसीने

Sun, 23 Apr 2017 11:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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पूर्व ओएसडी के घर पड़ा छापा - फोटो : लाल स‌िंह/अमर उजाला
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यादव सिंह के बाद प्राधिकरण के एक और धनकुबेर का खुलासा हुआ है। बृहस्पतिवार को आयकर विभाग नोएडा की टीमों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) यशपाल त्यागी के पांच ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें अकूत संपत्ति का पता चला। 
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अधिकारियों ने शुरुआत में जिन संपत्तियों की जांच की है, उनकी कीमत दो हजार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। यह संपत्ति कहां से खरीदी गई, स्रोत क्या है इसका पता विभाग कर रहा है।

आयकर की कितनी चोरी की गई, इसका आंकलन किया जा रहा है, देर रात तक विभाग की कार्रवाई जारी रही। आयकर टीमों ने सुबह सात बजे छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। सेक्टर-15ए में तीन प्रॉपर्टी, सेक्टर-50 स्थित कोठी और सेक्टर-127 दफ्तर में टीम ने छापा मारा।
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कई मामलों में नाम शामिल

YP Tyagi house - फोटो : अमर उजाला
​सेक्टर-67 में नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कारपोरेट दफ्तर में भी छापे की चर्चा रही। यशपाल त्यागी सेक्टर-50 बी ब्लॉक स्थित कोठी में थे।

विभाग के मुताबिक, जांच में त्यागी की संपत्ति दो होटल, जिनमें एक रेडिसन ब्लू होटल हरिद्वार और दूसरा होटल कंट्री इन होटल गोवा के अलावा यमुना एक्सप्रेसवे स्थित नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी का पता चला है।

साथ ही, त्यागी के बैंक खाते में करीब 60 करोड़ और एक कंपनी में 50 करोड़ रुपये मिले हैं। सेक्टर-154 में औद्योगिक प्लॉट भी त्यागी ने खरीदे थे, लेकिन सरेंडर कर दिए थे।
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भाजपा सांसद किरीट सौमैया ने इनकी शिकायत की थी

osd raid
वहीं, लक्जरी कारों के शौकीन त्यागी की ऑडी कार में खुफिया संदूक मिला है, जिसमें उन्होंने प्रॉपर्टी के दस्तावेज छिपा रखे थे। कहीं विदेशों में कोई संपत्ति तो नहीं खरीदी गई, इसका भी अधिकारी पता कर रहे हैं।

फार्म हाउस घोटाला और बिल्डरों को लाभ पहुंचाने में भी इनका नाम शामिल रहा है। भाजपा सांसद किरीट सौमैया ने इनकी शिकायत की थी। 2007 से साल 2012 तक मायावती सरकार के समय में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के ओएसडी थे। 

इससे पहले सपा के कार्यकाल में भी प्राधिकरण में तैनात रहे हैं। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के भाई आनंद कुमार के काफी करीबी माने जाते हैं। बसपा कार्यकाल में तीनों प्राधिकरण क्षेत्र में जितने भी बिल्डरों को जमीन आवंटित की गई थी, उसमें त्यागी की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है। 
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