पूर्वी जिला पुलिस ने रेव पार्टी में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाली ड्रग्स एलएसडी के साथ पूर्व राष्ट्रीय मुक्केबाज को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान सिंधु गांव, दिल्ली निवासी राकेश कुमार उर्फ राक्का (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने इसके पास से 270 एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डायथैलामाइड) स्टांप पेपर बरामद किए हैं।
पुलिस की मानें तो बरामद एलएसडी स्टांप पेपर की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत तीन करोड़ रुपये है। छानबीन में पुलिस को पता चला है कि आरोपी देशभर में रेव पार्टी का आयोजन कर वहां ड्रग्स सप्लाई करता था।
'एलएसडी स्टांप पेपर रेव पार्टी में एक धर्म गुरु के नाम से है प्रसिद्ध'
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि 14 जुलाई को स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि नशे का सौदागर ड्रग्स सप्लाई करने की फिराक में है।
सूचना के बाद पुलिस ने मंगलम मार्ग, आनंद विहार से आरोपी राकेश कुमार उर्फ राक्का को दबोच लिया। तलाशी लेने पर इसके पास से 270 एलएसडी स्टांप पेपर बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एलएसडी स्टांप पेपर रेव पार्टी में एक धर्म गुरु के नाम से प्रसिद्ध है।
विदेशी नागरिकों से एलएलडी खरीदकर भारतीयों को बेचता था
राकेश ने पूछताछ में बताया कि वह विदेशी नागरिकों से बेहद सस्ती कीमत व चरस के बदले एलएसडी लेता था। इसके बाद वह भारत के विभिन्न हिस्सों में इसे सप्लाई करता था।
राकेश के मुताबिक, उसका नेटवर्क गोवा, हिमाचल प्रदेश, मुंबई, गुड़गांव, नोएडा और दक्षिण व पश्चिम दिल्ली में है। शुरू में राकेश खुद ड्रग्स लेता था, लेकिन बाद में वह खुद कारोबारी बन गया।
उसके कई विदेशी नागरिकों से संबंध हैं, जो उसे ड्रग्स सप्लाई करते हैं। एलएसडी के अलावा वह मिंऊ-मिंऊ ड्रग्स का भी धंधा करता था।
क्या है एलएसडी और कैसे करते हैं इसका नशा
राकेश उर्फ राक्का ने सोनीपत के प्रसिद्ध राई स्पोर्ट्स स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के केएमसी कॉलेज से 2008 में ग्रेजुएशन किया।
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान राकेश ने बॉक्सिंग में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। पढ़ाई के बाद उसने रिलायंस कंपनी में सेल्स मैनेजर की नौकरी शुरू की। काफी समय नौकरी करने के बाद वह ड्रग्स के धंधे में कूद गया।
एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डायथैलामाइड) बेहद हाईप्रोफाइल लिक्विड या स्टांप पेपर (एलएसडी में डूबा हुआ पेपर) की शक्ल में नशा होता है। अधिक उत्तेजना पैदा करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। अधिकतर हाईप्रोफाइल पार्टी में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
जीभ पर एलएसडी की ड्राप या स्टांप पेपर के टुकड़े को रखा जाता है। बाद में पेपर को चबा लिया जाता है। ड्राप डालने या पेपर चबाने के बाद लंबे समय तक एलएसडी का नशा रहता है। जानकारों की मानें तो इस नशे की ओवरडोज से कई बार मौत तक हो जाती है।