गौरतलब है कि शहाबुद्दीन की कब्र आईटीओ कब्रिस्तान में है। यह वही कब्रिस्तान है जहां कोविड मरीजों को दफनाने के लिए बहुत कम जगह बची थी और यहां की व्यवस्था देखने वाली कमेटी ने लोगों को कब्र पक्की न करने की हिदायत दी हुई है।
कई शख्सियतें ऐसी होती है जो मौत के बाद भी सुर्खियों में बनी रहती हैं। ताजा मामला है बिहार के पूर्व राजद सांसद शहाबुद्दीन की। बीते महीने कोरोना के चलते उनका निधन हो गया था अब उनकी कब्र को लेकर विवाद सामने आ गया है। उनकी कब्र दिल्ली के सबसे बड़े कब्रिस्तान में है और इसे लेकर कुछ ऐसा बवाल हुआ कि पुलिस तक बुलानी पड़ गई। आगे पढ़िए क्या है पूरा विवाद...
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गौरतलब है कि शहाबुद्दीन की कब्र आईटीओ कब्रिस्तान में है। यह वही कब्रिस्तान है जहां कोविड मरीजों को दफनाने के लिए बहुत कम जगह बची थी और यहां की व्यवस्था देखने वाली कमेटी ने लोगों को कब्र पक्की न करने की हिदायत दी हुई है।
अब कब्र का पक्का करना ही विवाद की वजह बन गया। दरअसल यहां पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की कब्र पक्की की जा रही थी जिसका संज्ञान तुरंत कमेटी ने लिया और रुकवाने की प्रयास किया। बात नहीं बनी तो पुलिस भी बुला ली गई। पुलिस के आने के बाद कब्र को पक्का करने का काम रोक दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार कब्रिस्तान की कमेटी साल 1992 में ही कानून बनाकर किसी भी कब्र को पक्का करने पर रोक लगा चुकी है। ऐसे में ये ताजा निर्माण किसके कहने पर किया गया इसकी जांच की मांग हो रही है।