सचिन ने अभी तक जिला पंचायत सदस्य का प्रमाण पत्र न दिए जाने की बात कही तो वह पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में वोट न देने की बात कहकर कहासुनी करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
सचिन का आरोप है कि प्रशांत चौधरी के दो सरकारी व एक प्राइवेट गनर ने पिटाई की और उसे जबरन अपनी गाड़ी में डाल लिया। वह उसे मुरादनगर की ओर ले जाने लगे। शोर मचाने पर बाद में वह उसे कविनगर थाने ले गए और यहां छोड़कर खुद भाग गए।
इसके बाद कविनगर से वह मसूरी थाने पहुंचे। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य आर्या कटारिया की तहरीर पर पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी, हापुड़ राजेंद्र कुमार समेत 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण के प्रयास और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित को चोटें आई हैं। मामले की जांच की जा रही है।
चुनाव के दौरान राजेंद्र कुमार से सचिन ने 15 लाख रुपये लिए थे। यह रकम उनके ऑफिस में बैठकर दी गई थी। अब सचिन इस रकम को लौटा नहीं रहा है। मंगलवार को उसी रकम का तकादा करने गए थे, लेकिन रुपये न देने पड़े इसके लिए सचिन ने यह ड्रामा किया है। - प्रशांत चौधरी, पूर्व एमएलसी
उधारी के 15 लाख रुपये मांगने की वजह से सचिन ने झूठे आरोप लगाए हैं। अपने जीवन में किसी को गाली भी नहीं दी, मारपीट और अपहरण की बात तो बहुत दूर की है। - राजेंद्र कुमार, भाजपा नेता