दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल ने पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद की विधानसभा सदस्यता को रद्द कर दिया है। उन्होंने अप्रैल माह में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया था। इसी दिन उन्होंने मंत्री पद के साथ-साथ आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी और बसपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने बसपा के टिकट पर नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने 31 मई को उनके इस्तीफे का स्वीकार करते हुए उस पर हस्ताक्षर किए थे। जबकि तीन जून को उपराज्यपाल ने उनके इस्तीफे को राष्ट्रपति के पास भेजा, जिसे राष्ट्रपति ने तत्काल ही स्वीकार कर लिया। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने बसपा में शामिल होने के मामले में राजकुमार आनंद को नोटिस जारी किया था।
उनको नोटिस का जवाब 10 जून तक देने का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वह नोटिस के तहत 11 जून को उनके समक्ष उपस्थित भी नहीं हुए। इसके बाद 14 जून को उन्हें एक बार फिर से उपस्थित होने का मौका दिया गया। इस बार भी वह नहीं आए। लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी।