पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी फर्जी निकला है। पुलिस को बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में कागजातों की छानबीन से यह पता चला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जितेंद्र तोमर नाम के किसी भी व्यक्ति को कभी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। इसके अलावा जिस सीरियल का माइग्रेशन सर्टिफिकेट है, वह सीरियल नंबर 2001 में जारी ही नहीं किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हौजखास थानाध्यक्ष सतेंद्र सांगवान की देखरेख में 5 सदस्यीय टीम सोमवार रात को झांसी के बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के लिए रवाना हुई।