पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान ओलंपियन जफर इकबाल ने कहा कि शाहिद हमारे जमाने का मेजर ध्यानचंद था। वह एक्स्ट्रा ऑर्डनरी खिलाड़ी था। अगर वह नहीं था, तो हम भी नहीं होते।
फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि शाहिद का जज्बा और समर्पण ही था कि मैंने उनके साथ सात साल तक तमाम मैच खेले। जफर इकबाल दिल्ली में रहते हैं और बुधवार को शाहिद के देहांत की खबर सुन कर मेदांता अस्पताल पहुंचे थे।
मेदांता पहुंचने के बाद जफर इकबाल भावुक हो उठे। वह परिवार को ढांढ़स बंधवाने के साथ फूट-फूट कर रोने लगते थे। मीडिया से बात करते हुए वह कुछ कहते और फिर चुप्पी साध लेते थे। उनकी आंखों से आंसू छलक जा रहे थे। जफर कहते हैं कि वह ऐसे शख्स थे जो हमेशा याद रखे जाएंगे।