लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी का निधन हो गया। मुरादनगर से सात बार विधायक और तीन बार मंत्री रहे त्यागी की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए।
लंबी बीमारी के चलते शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी का निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा में क्षेत्र में गणमान्य सहित हजारों लोग शामिल हुए। मुरादनगर विधानसभा से वह सात बार विधायक व तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे। उनका छोटा बेटा अजीतपाल त्यागी मुरादनगर विधानसभा से विधायक है।
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जनपद बागपत के मुकारी गांव निवासी राजपाल त्यागी पढ़ाई के समय से गाजियाबाद में रहकर राजनीति करते थे। उनके परिवार में पत्नी लोकेश त्यागी, पुत्र गिरीश पाल त्यागी, अजीतपाल त्यागी है। राजपाल त्यागी छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय थे और कांग्रेस से अपना राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वह सन 1976 में गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। सन 1980 से 1988 तक काग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। सन 1989 में कांग्रेस ने उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट दिया और वह निर्दलीय ही चुनाव लड़ गए और जीत दर्ज की।
इसके बाद 1991 में वह फिर काग्रेस के टिकट पर जीते। 1993 में वह हार गए और फिर सन 1996 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। सन 2002 में फिर वह काग्रेस टिकट पर चुनाव लडे हुए जीते। सन 2007 फिर से उन्होने निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में जीत दर्ज की। लेकिन कुछ समय बाद ही विधानसभा से इस्तीफा देकर बसपा से उपचुनाव लडे और जीत दर्ज की। सन 2012 का चुनाव वह बसपा के बहाव चौधरी से हार गए।
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राजपाल त्यागी तीन बार प्रदेश सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। 15 दिन से वह गाजियाबाद के यशेादा अस्पताल में भर्ती थे। शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह जानकारी उनके विधायक पुत्र अजीतपाल त्यगाी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी।