गांव सांप की नंगली स्थित पंजाबी गायक दिलेर मेहंदी के फॉर्म हाउस में पेड़ काटने के मामले में वन विभाग की कार्रवाई विवादों में आई है। दरअसल विभाग ने पेड़ काटने के मामले में सेक्शन-4 के तहत कार्रवाई की है, जबकि कहा जा रहा है कि अरावली की जमीन पर फोरेस्ट कंर्जवेशन एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी थी। यह मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
दिलेर मेहंदी के फॉर्म हाउस में सोमवार देर रात पेड़ काटने की कार्रवाई की गई। वन विभाग की ओर से पेड़ काटने के अलावा फॉर्म हाउस मालिक पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही विभाग ने 10 हजार पौधे लगाने के निर्देश भी दिए हैं। बता दें कि यह फॉर्म हाउस करीब 100 एकड़ जमीन में बना हुआ है। इसमें पशु पालन भी हो रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां से करीब 400 पेड़ काटे गए हैं लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को प्रारंभिक जांच में कुल 196 पेड़ ही कटे मिले। इसके अलावा कार्रवाई से पूर्व यह भी नहीं जांचा गया कि यह जमीन अरावली की है या निजी।
गौरतलब है कि गुरुग्राम सहित आसपास के क्षेत्र में पीएलपीए एक्ट का सेक्शन 4 लागू है। इसके तहत किसी भी पेड़ को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी होती है। अनुमति मिलने के बाद ही पेड़ की कटाई की जा सकती है। बिना अनुमति पेड़ काटने पर जुर्माना किए जाने का प्रावधान है। वहीं, अरावली की जमीन पर किसी भी प्रकार का गैर वानिक कार्य करने पर प्रतिबंध है। सूत्रों के मुताबिक पंजाबी गायक दिलेर मेहंदी का फॉर्म हाउस अरावली की जमीन पर है। जिसमें निर्माण कार्य करना तो दूर पेड़ों को काटने अथवा तोड़ने पर भी पाबंदी है। ऐसा करने वाले के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाता है। इसमें सजा का प्रावधान है। इस संदर्भ में जब फोरेस्ट कंजर्वेटर डी हेमब्रम को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वहीं मंडल वन अधिकारी दीपक नंदा का कहना है कि मामले में सेक्शन 4 के तहत कार्रवाई कर जुर्माना लगाया गया है। इसमें जांच की जा रही है कि जमीन अरावली के अंतर्गत आती है अथवा नहीं। जांच के बाद ही इसमें आगे की कार्रवाई की जाएगी।