तमाम दावों और वादों के बीच नेताजी की सबसे बड़ी जॉब के लिए आज परीक्षा है। इसमें पास होने के लिए उन्होंने धरती-आसमान एक किया हुआ है।
इन्हें पास करने वाली जनता के बीच नेताओं की ऐसी इमेज बनी हुई है कि वह वोट लेने के बाद भूल जाते हैं। बसंतपुर, खादर, एसी नगर एवं राहुल कॉलोनी जैसे कई क्षेत्रों में तो चुनाव में भी लोगों को उनके दर्शन नहीं हुए। ऐसे में तो यही लगता है कि अब पांच साल बाद ही ‘नेताजी रिटर्न्स’ देखने को मिलेगी।
भाजपा प्रत्याशी कृष्णपाल गुर्जर, कांग्रेस के अवतार भड़ाना, इनेलो के आरके आनंद, बसपा के राजेंद्र शर्मा एवं आम आदमी पार्टी के पुरुषोत्तम डागर ने यह सोचकर चुनाव प्रचार में जबरदस्त मेहनत की कि अब अगले पांच साल तक की छुट्टी।
प्रत्याशियों ने बुधवार को घर-घर जाकर बड़ों के पैर छुए और बराबर की उम्र वालों से हाथ जोड़ा। मतदाताओं की नब्ज टटोली, उनके नखरे सहे और पिछली गलतियों व इलाके में अभी तक न आने के लिए माफी मांगी।
प्रत्याशियों को न तो खाना दिखा और न पानी, उन्हें तो बस अधिक से अधिक जगहों पर जाकर मतदाताओं को मनाना ही दिखाई पड़ रहा था। सुबह से देर रात तक गली-गली झुंड के झुंड अलग-अलग पार्टियों के नेता लोगों के घर दस्तक देकर वोट देने की अपील करते रहे।
मतदाता भी एक दिन का बादशाह बना रहा और उसने हर किसी को वोट देने का वायदा किया। वहीं मतदान के तजुर्बेकार कार्यकर्ताओं की मांग बढ़ गई। उन्हें खासतौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि अधिक से अधिक वोट बूथ तक खींचे जा सकें। राजनीति विज्ञान के जानकार राजेंद्र चोपड़ा कहते हैं कि वोटर आज का बादशाह है, इसलिए नेताओं उससे पंगा मत लेना।
विधानसभा क्षेत्र
पुरूष मतदाता
महिला मतदाता
कुल
हथीन
102275
84040
186315
होडल
88947
72818
161765
पलवल
108541
89435
197976
पृथला
90163
74140
164303
एनआईटी
119182
89441
208623
बडखल
118836
95843
214679
बल्लभगढ़
111482
83832
195314
फरीदाबाद
105319
85927
191246
तिगांव
124662
95469
220131
कुल मतदाता
9,69,407
7,70,945
17,40,352