विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पराली के मामले इसी तरह बढ़ते रहे, तो अगले कुछ दिनों में गंभीर असर दिख सकता है। 15 अक्तूबर से हवा खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। शुक्रवार को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 0.387 फीसदी और शनिवार को 0.211 फीसदी हो सकती है। हालांकि, दिल्ली के प्रदूषण में एनसीआर के राज्यों से बाहर के प्रदूषण की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। इसमें बृहस्पतिवार को अन्य प्रदूषकों की हिस्सेदारी 32.619 प्रतिशत रही। वहीं, परिवहन से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 18.052 फीसदी मापी गई, जबकि आने वाले दो दिनों में इसकी हिस्सेदारी भी बढ़ने के संकेत है। इसमें शुक्रवार और शनिवार को क्रमश: 23.773 फीसदी व 22.98 फीसदी हिस्सेदारी हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ेगा।
खुले में जलता कूड़ा
सरकार की सख्ती के बावजूद जमीन पर कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। इससे कूड़ा जलाने के मामले बढ़ रहे हैं। डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण में खुले में कूड़ा जलने से 1.664 फीसदी हिस्सेदारी धुएं की रही। यह हिस्सेदारी शुक्रवार को यह 2.157 फीसदी व शनिवार को 2.101 फीसदी तक पहुंच सकती है।
हॉटस्पॉट में नहीं सुधर रहे हालात
प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर वायु गुणवत्ता सुधर नहीं रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कई दिनों से खराब से बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। इन इलाकों का एक्यूआई गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बृहस्पतिवार को सबसे अधिक आनंद विहार में एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। हवा की दिशा व गति बदलने से राजधानी में औसत एक्यूआई 132 दर्ज किया गया। सबसे साफ हवा फरीदाबाद में रही। यहां एक्यूआई 96 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी है। साथ ही, गुरुग्राम में 110, गाजियाबाद में 152, नोएडा में 120 व ग्रेनो में 136 एक्यूआई रहा।