गुर्जर नेता यशपाल नागर ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से इस्तीफा दे दिया है। वह लगभग 30 महीने पार्टी में रहे।
बृहस्पतिवार को अजरौंदा चौक स्थित एक होटल में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला ने छह माह पहले लोकसभा प्रत्याशी घोषित करने की उनकी मांग नहीं मानी। पार्टी में उन्हें प्यार तो मिला लेकिन वादे नहीं पूरे हुए। इसलिए वे पार्टी छोड़ रहे हैं। अक्तूबर 2012 में उन्होंने सेक्टर-12 में इनेलो की परिवर्तन रैली करवाई थी।
कांग्रेस एवं हरियाणा विकास पार्टी में भी रह चुके नागर ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस देश की प्रधानमंत्री कोई महिला बने। वह दलित हो तो और अच्छा है। उनके इस बयान से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि नागर बहुजन समाज पार्टी का टिकट लाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं कि वह किस पार्टी में शामिल होंगे।
लगभग 15 दिन पहले नागर ने इसी होटल में एक प्रेस कांफ्रेंस कर नरेंद्र मोदी में अपनी आस्था जताई थी। लेकिन अब वे बसपा का राग गा रहे हैं। जबकि बसपा यहां से राजेंद्र शर्मा को एक साल पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। नागर ने 2009 में यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्हें 8555 वोट मिले थे, जो कुल पड़े वोटों का सिर्फ 1.37 फीसदी बनता है।
नागर ने कहा कि उन्हें किसी पार्टी की टिकट मिलेगी तभी लड़ेंगे। निर्दलीय चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। जरूरत पड़ी तो वह अपनी पार्टी बनाएंगे। नागर ने कहा कि इनेलो के पास फरीदाबाद से कोई मजबूत प्रत्याशी नहीं है।