सेक्टर-32 स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के इच्छुक आवेदनकर्ताओं से संकेतकों के बारे में प्रश्न किए जा रहे हैं। प्रश्नों का सही-सही जवाब न दे पाने पर उन्हें सात दिन बाद फिर से टेस्ट देने को कहा जा रहा है।
इसका मकसद लोगों को लाइसेंस मिलने से पहले ट्रैफिक नियमों की जानकारी होना जरूरी समझा जा रहा है। इस बाबत आरआई वीडी मिश्रा ने विभाग में एक नई पहल शुरू की है।
उनकी ओर से लाइसेंस के लिए आने वाले आवेदनों पर संकेतकों का एक स्टीकर चिपकाया जा रहा है। इसके बाद उक्त स्टीकर पर दिए गए संकेतकों का अर्थ बताने को कहा जा रहा है।
अर्थ न बताने पाने वाले आवेदक फेल हो जा रहे हैं और इसके बाद उन्हें सात दिनों के बाद आने के लिए कहा जा रहा है। यही नहीं उन्हें सड़क सुरक्षा संबंधी एक बुकलेट भी दी जा रही है।
इसमें सभी नियमों का जिक्र है। इसे पढ़ने की भी सलाह दी जा रही है ताकि लाइसेंस पाने के वक्त उक्त व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों की जानकारी पहले से ही हो। बताया गया कि इस टेस्ट के दौरान रोजाना करीब 25 आवेदक फेल होकर वापस लौट रहे हैं और वे दोबारा सात दिन के बाद तैयारी करके वापस आ रहे हैं।
इस बाबत आरआई वीडी मिश्रा ने बताया कि इस टेस्ट का मकसद लाइसेंसधारक को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना है ताकि लाइसेंस पाने के बाद वाहन चलाते समय वह दुर्घटना के शिकार न होने पाएं।