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पॉलीथिन बैन अभियान, नहीं चढ़ा परवान 

Sun, 07 Aug 2016 08:41 AM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, नोएडा
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प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन के प्रयोग पर पाबंदी लगाए हुए भी छह माह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन आज तक प्रशासनिक अफसर इस पर रोक लगाने में नाकाम रहे हैं। बडे़ से लेकर छोटे बाजार में जमकर पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है। अब तो लोग अभियान को भी भूल गए हैं कि प्रदेश सरकार ने पॉलीथिन को बैन कर दिया। वहीं दुकानदार भी बिना डर के पॉलीथिन में सामान भरकर ग्राहकों को दे रहे हैं और प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। 
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शहर से लेकर देहात तक प्रयोग
दादरी, दनकौर, रबूपुरा, बिलासपुर, जेवर, नोएडा के सेक्टर-पांच हरौला मार्केट, बांस-बल्ली मार्केट, होशियारपुर, मोरना, झुंडपुरा, निठारी, बहलोलपुर, वाजिदपुर और सेक्टर-आठ झुग्गी मार्केट समेत छोटे-बडे़ लगभग सभी बाजारों में पॉलीथिन को धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है।

कूड़ा करकट नियमावली जनवरी से हुई लागू
प्रदेश सरकार ने 22 दिसंबर, 2015 को गजट जारी करके कूड़ा-करकट नियमावली 1998 के अतंर्गत किसी भी दुकानदार द्वारा पॉलीथिन में सामान बेचना, उसका भंडारण करना या विक्रय करना पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया था। इसके एक माह बाद 21 जनवरी, 2016 से पूरी तरह पॉलीथिन के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी गई। फिर इसे जिला प्रशासन ने चालू तो किया, लेकिन बहुत गंभीर कार्रवाई नहीं की।
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10 जोन में 33 अफसर
आदेश लागू होने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे जिले को 10 जोन में बांटकर टीम बनाई थी। हर टीम में जिलास्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया था और कम से कम तीन सदस्यों को उसमें नामित किया गया था। उन सभी को बाकायदा गांव और कस्बों का नाम देकर जिम्मेदारी दी गई थी। इसके तहत जिले में पॉलीथिन के प्रयोग पर पांबदी के लिए 33 अफसरों को लगाया गया था।

ठंडे बस्ते में क्यों गया अभियान
जिले में पॉलीथिन के प्रयोग करने पर दुकानदारों को पांच हजार रुपये से एक लाख रुपये तक जुर्माना करने का अधिकार दिए थे। मगर यह अधिकार केवल मजिस्ट्रेट को ही दिए गए। अन्य अफसर इसका प्रयोग नहीं कर सकते हैं और कार्रवाई भी नहीं कर सकते हैं। इसके चलते अभियान ठंडे बस्ते में चला गया।

जिले में पॉलीथिन के  प्रयोग पर पूरी तरह पांबदी है और यह 21 जनवरी, 2016 से लागू है। इसके लिए 10 भागों में जिले को बांटकर एक टीम बनाई थी, जिसमें 33 सदस्य शामिल हैं। टीम की जिले के सभी कस्बों, शहर और गांव आदि की मार्केट में पॉलीथिन के प्रयोग को बंद कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। अगर बाजार में फिर से पॉलीथिन का प्रयोग शुरू कर दिया गया है तो अधिकारियों को दोबारा निर्देश देकर लगाम लगाई जाएगी। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्घनगर
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