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Delhi NCR News: फुटपाथ हादसे के आरोपी को जमानत, कोर्ट ने शर्तों के साथ दी राहत

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अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर राहत दी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
पटियाला हाउस कोर्ट ने चाणक्यपुरी में फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचलने के आरोप में गिरफ्तार आशीष को जमानत दे दी है। अदालत ने 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर राहत दी। साथ ही, आरोपी को बिना अनुमति देश छोड़ने से भी रोका गया है। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत में हुई। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, लेकिन जांच काफी हद तक पूरी हो चुकी है और आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है, इसलिए आरोपी को अनिश्चितकाल तक हिरासत में रखना उचित नहीं है।

अभियोजन के अनुसार, 10 अगस्त 2025 को चाणक्यपुरी के तालकटोरा स्टेडियम के पास एक महिंद्रा थार ने फुटपाथ पर सो रहे दो लोगों को कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घटनास्थल पर ही मिला और उसने वाहन चलाने की बात स्वीकार की। जांच के दौरान वाहन से नशीले पदार्थ भी बरामद हुए और मेडिकल जांच में ड्रग्स के सेवन की पुष्टि हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल साक्ष्य प्रथम दृष्टया अभियोजन के मामले का समर्थन करते हैं। हालांकि, यह भी माना गया कि आरोपी गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में है और उससे अब किसी अतिरिक्त बरामदगी की आवश्यकता नहीं है।
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अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका कम हो जाती है। साथ ही, मुकदमे में समय लगने की संभावना को देखते हुए आरोपी को लगातार हिरासत में रखना उचित नहीं माना गया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और मामला गैर-इरादतन हत्या के बजाय अधिकतम लापरवाही से वाहन चलाने का बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है और उसका उपचार चल रहा है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी की लापरवाही के कारण दो लोगों की जान गई और मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली।
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