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Delhi News: दिल्ली के फुटबॉलर खेलेंगे तो देखेगी दुनिया, छह और जोनों में लागू की गई ये योजना

Sat, 26 Aug 2023 08:14 AM IST
विजय पुंडीर आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमसीडी के ग्रास रूट फुटबॉल प्रोजेक्ट का पहला चरण सफल होने के बाद इसकी उम्मीद बढ़ गई है। निगम आयुक्त ने इस परियोजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है। जल्द ही छह और जोनों में हरएक के दो-दो क्लस्टर में निगम स्कूलों के बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देनी शुरू की जाएगी।
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फुटबॉल - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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दिल्ली के चैंम्पियन फुटबॉल खेलेंगे तो पूरी दुनिया देखेगी और तालियां बजाकर इनकी प्रशंसा करेगी। अगले कुछ सालों में ये कामयाबी मिलने की उम्मीद है। यदि ऐसा हुआ तो दिल्ली में बड़ी संख्या में फुटबॉल के चैंम्पियन खिलाड़ी और इनकी कई टीमें नजर आएंगी। 

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एमसीडी के ग्रास रूट फुटबॉल प्रोजेक्ट का पहला चरण सफल होने के बाद इसकी उम्मीद बढ़ गई है। निगम आयुक्त ने इस परियोजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है। जल्द ही छह और जोनों में हरएक के दो-दो क्लस्टर में निगम स्कूलों के बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देनी शुरू की जाएगी।

निगम ने करीब साल भर पहले 12 जोन में से केवल नजफगढ़ जोन में अपने स्कूलों के बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देना शुरू किया था। पहले बैच के बच्चों की अब फुटबॉल की एक मजबूत टीम बन गई है। ये टीम देशभर में जाकर जूनियर लेबल के टूर्नामेंट खेल रही है और धूम मचा रही है। इस सफलता को देखते हुए निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती ने छह जोनों पश्चिमी, रोहिणी, नरेला, केशवपुरम, सिविल लाइन व शाहदरा उत्तरी में इस परियोजना का विस्तार करने का आदेश जारी कर दिया है। 
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हरेक जोन में दो-दो क्लस्टर में निगम स्कूलों के बच्चों को फुटबॉल की ट्रेनिंग जल्द दी जाएगी। शीघ्र ही यहां पर फुटबॉल कोच व खेल के सामान का इंतजाम हो जाएगा। इससे खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा।
हेल्थ, फिटनेस बढ़ाने के लिए शुरू किया प्रोजेक्ट : निगम के शिक्षा विभाग की मानें तो बच्चों का हेल्थ व फिटनेस ठीक रहे इसके लिए ग्रासरूट फुटबॉल प्रोजेक्ट शुरू किया था। बच्चे खेलेंगे तो न केवल स्वस्थ होंगे, बल्कि उनकी पढ़ाई अच्छी होगी। बच्चों को एक दिशा मिलेगी। अब इसकी सफलता के बाद लगता है कि यदि इनमें से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे तो वे ओलंपिक्स के लिए तैयार होंगे। बच्चों को सुबह शाम ट्रेनिंग कराई जाएगी।

इस तरह से होगा ट्रेनिंग का बंदोबस्त
एमसीडी के तीन हिस्से थे, तो दक्षिणी निगम में ग्रास रूट फुटबॉल प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। तब नजफगढ़ जोन में ककरौला स्टेडियम में बच्चों को फुटबॉल व अन्य खेलों की ट्रेनिंग शुरू की गई थी। बाद में फुटबॉल की ट्रेनिंग के लिए मजबूत बंदोबस्त किया गया। अब शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जिन जोनों में स्टेडियम हैं और जहां नहीं हैं वहां स्थानीय खेल मैदानों में बच्चों की ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। बाद में क्लस्टर की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

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