जिला अभिहीत अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में प्रतीत होता है कि वहां पर खाद्य विभाग की टीम को पहुंचने से पहले ही सब कुछ साफ करा दिया गया।
अधिकारियों के कहने के बाद ही रिफाइंड और अजवाइन का सैंपल लिया जा सका था। स्कूल प्रबंधन ने जांच में कोई सहयोग भी नहीं किया।
नमूनों को स्पीड पोस्ट से लैब भेजा गया है जिसके साथ भेजे पत्र में लिखा गया है कि मामला गंभीर है और ऐसी परिस्थितियों में नमूने की जांच शीघ्र कराई जाए। वहीं, उन्होंने ई-मेल से सोडेस्को कंपनी को लाइसेंस निलंबित करने की सूचना दी है। नोटिस दिया गया है कि संबंधित परिसर में वह खाना नहीं पका सकते।