रामलीला और दुर्गा पूजा शुरू होने में केवल पांच दिन बचे हैं। पूजा समितियों ने इसकी तैयारियों को पहले से ही शुरू कर दिया है। पूजा पंडालों, मेला ग्राउंड के आसपास सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती निगम पर है।
रामलीला ग्राउंड व दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास दिन में दो बार फॉगिंग होगी। यहां बेहतर सफाई व्यवस्था और नियमित कीटनाशक दवा का छिड़काव कराने के लिए 12 जोन के डीसी को निर्देश जारी किए गए हैं। सिविक सेंटर ने इनसे कार्ययोजना की रिपोर्ट मांगी है।
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रामलीला और दुर्गा पूजा शुरू होने में केवल पांच दिन बचे हैं। पूजा समितियों ने इसकी तैयारियों को पहले से ही शुरू कर दिया है। पूजा पंडालों, मेला ग्राउंड के आसपास सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती निगम पर है। यहां भारी संख्या में लोग जुटेंगे, जिन्हें मच्छरजनित बीमारियों से बचाना बड़ी चुनौती है। दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मौजूदा समय में ज्यादा है। निगम प्रशासन के मुताबिक, वह इनसे निपटने के लिए तैयार है। फॉगिंग अभी से शुरू कर दी गई है। आयोजन स्थल सुनिश्चित होते ही इनके आसपास चूने से मार्किंग की जाएगी। नालियों और नालों को भी ढंकने के साथ इनकी चूने से मार्किंग होगी। आयोजन स्थलों के पास हर दिन सुबह-शाम दो बार फॉगिंग और कीटनाशक दवा का छिड़काव होगा। यहां अतिरिक्त सफाई कर्मियों व डीबीसी कर्मियों की तैनाती रहेगी।
धूल प्रदूषण से निपटने के लिए खास इंतजाम
दिल्ली में सर्वाधिक प्रदूषित 13 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं। बवाना, नरेला, मुंडका, वजीरपुर, रोहिणी, आरके पुरम, ओखला, जहांगीरपुरी, आनंद विहार, विवेक विहार, पंजाबी बाग, मायापुरी और द्वारका में सर्वाधिक धूल प्रदूषण हो रहा है। एमसीडी ने इन जगहों पर प्रदूषण रोकने के लिए नोडल अधिकारी बनाए हैं। अनधिकृत रूप से सार्वजनिक जगहों पर कचरे पर नियंत्रण के लिए 932 अधिकारियों, कर्मचारियों की 383 टीमों का गठन किया है। इन जगहों पर वाटर स्प्रिंकलर, वाटर स्मॉग गन लगाई गई हैं। जल्द ही मेला ग्राउंड्स के आसपास भी वाटर स्प्रिंकलर लगा दिए जाएंगे।