कोहरे ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। इसके चलते सड़क हादसों का सिलसिला शुरू हो गया है लेकिन पुलिस-प्रशासन की नींद अब तक नहीं टूटी है। लापरवाही बरतने के मामले में एनएचएआई भी पीछे नहीं है, क्योंकि कोहरे के दौरान सड़क हादसों का सबसे ज्यादा खतरा दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर ही मंडरा रहा है।
बदरपुर बॉर्डर से लेकर सीकरी तक हाईवे पर अब तक लाइटों की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। शाम ढलते ही हाईवे पर अंधेरा छा जाता है। सिक्सलेन प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार हाईवे के सफर को जोखिम में डाल रही है। हाईवे का हाल केवल फरीदाबाद ही नहीं बल्कि पलवल तक बेहाल है।
ऐसे में दिल्ली-आगरा हाईवे पर सफर करना है तो एहतियात बरतें, क्योंकि इस सफर में सावधानी ही आपकी जिंदगी को जोखिम में पड़ने से बचा सकती है। शुक्रवार को हाईवे का हाल जानने की कोशिश की गई तो कदम कदम पर लापरवाही के सबूत दिखाई दिए। पेश है रिपोर्ट:-
रस्सी के सहारे आपकी सुरक्षा
दिल्ली की सीमा पार करते ही बदरपुर फ्लाईओवर से महज एक किलोमीटर चलने पर हाईवे पर खतरा मंडराने लगता है। सड़क के किनारों पर दीवार या फिर सीमेंटेड रेलिंग वाहनों की सुरक्षा के लिए लगाई जाती हैं, लेकिन एनएचपीसी चौक और मेवला महाराजपुर क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों से बचाव के लिए रस्सी का सहारा लिया गया है। लंबे-चौड़े फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन लोहे के बेरिकेड या फिर कोहरे से निपटने के लिए रिफ्लेक्टर लगाने की जरूरत नहीं समझी गई।
बीच हाईवे पर लापरवाही
सड़क खराब होना तो दूर की बात है, नियमानुसार नेशनल हाईवे पर कट नहीं होना चाहिए। सड़क पर बेवजह स्पीड ब्रेकर भी नहीं होने चाहिए लेकिन सेक्टर 28 मेट्रो स्टेशन और बडख़ल चौराहे पर एनएचएआई की निर्माण कंपनी ने लापरवाही के निशान छोड़े हुए हैं, जो कोहरे में जानलेवा साबित हो सकते हैं। बीच हाईवे पर उखड़ी हुई सड़क को दुरुस्त करने की जगह सीमेंट के बैरिकेड रख दिए गए हैं जो तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक आ जाते हैं।
हाईवे के बीचोबीच पोल
लाखों रुपये खर्च कर दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने बड़खल मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए हाईवे के ऊपर से फुटओवर ब्रिज बनाया था, लेकिन पिछले दिनों बने बनाए एफओबी को तोड़ना पड़ा। हाईवे के ऊपर से एफओबी को आधा-अधूरा ही हटाया गया है। इसका पोल अब भी बीच हाईवे पर खड़ा है जो कोहरे में घातक साबित हो सकता है। हाईवे पर लगभग प्रत्येक मेट्रो स्टेशन पर एफओबी है लेकिन निगरानी के अभाव में लोग हाईवे के कटों से ही जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते हैं।
हादसों पर एक नजह
साल हादसे मौत घायल
2015 66 56 24
2016 45 52 25
(हादसे 11 खूनी चौराहों पर आधारित)
अगले साल लगेंगी लाइटें
नेशनल हाईवे पर लाइटों के लिए टेंडर हो चुका है। अगले साल तक ही यह प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। फिलहाल जो लाइटें हैं वो फरीदाबाद नगर निगम ने लगाई थीं जो पूरी तरह डेड हो चुकी हैं। हाईवे पर कोहरे से निपटने के लिए काम शुरू किया जा रहा है। अवैध कट बंद किए जाएंगे।- सचेंद्र, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण कंपनी