कोहरा के बीच लाइट जलाकर गुजरती ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला
घने कोहरे की वजह से सुबह से ही वाहनों की रफ्तार धीमी रही। सर्वाधिक असर विमान और ट्रेन सेवाओं पर पड़ा। करीब 530 फ्लाइटें देरी से चलीं, 20 विमानों के रूट परिवर्तित कर दिए गए जबकि चार फ्लाइटें दोपहर 12.30 बजे से पहले ही रद्द कर दी गईं थीं। दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे देरी से पहुंची तो विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित 30 अन्य ट्रेनों के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
ट्रेन का इंतजार करते यात्री
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ठिठुरन भरी ठंड में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्री भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। आलम यह है कि प्रशासन के लाख दावों के बावजूद स्टेशन पर यात्रियों को सर्दी से बचाने के कोई इंतजाम नहीं है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनों के लेट होने के कारण यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को सदी का सबसे ठंडा दिन रहा और इस बीच अमर उजाला की टीम ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की परेशानी का जायजा लिया। यहां प्लेटफार्म पर भारी संख्या में यात्री अपनी ट्रेनों का इंतजार करते दिखे। जैसे ही एनाउंसमेंट होती तभी यात्री पटरियों की ओर देखने लगते। ठंड में सिकुड़कर बैठे यात्रियों को लगता था कि मानों उनकी ट्रेन ही प्लेटफार्म पर आने वाली है, लेकिन ऐसा नहीं होता।
प्लेटफार्म पर कुछ यात्रियों को बेंचों पर जगह मिली तो बड़ी तादाद में यात्री फर्श पर ही बैठे मिले। प्लेटफार्म पर खुली हवा में सर्दी में फंसे यात्रियों से जब उनका हाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि उनकी ट्रेन कब आएगी, वे बस हर एनाउंसमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। इतनी सर्दी में उनके गर्म कपड़े भी साथ नहीं दे रहे हैं। इतनी ज्यादा सर्दी उन्होंने कभी नहीं देखी।
इतना ही नहीं वेटिंग रूम भी यात्रियों से खचाखच भरा मिला। यहां भी यात्री एक दूसरे से सट कर बैठे दिखाई दिए। वेटिंग रूम में यात्रियों को बेशक खुली हवा का सामना नहीं करना पड़ रहा था लेकिन इस सर्दी की ठिठुरन से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही थी। इस बीच यात्री सर्दी में अपने शरीर को गर्म रखने के लिए चाय का सहारा ले रहे थे। पूछताछ खिड़की पर भी यात्री बार-बार अपनी ट्रेन के बारे में पूछते दिखे। इस बीच कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें अपनी ट्रेन के इंतजार में रात भी प्लेटफार्म पर ही ठंड में बितानी पड़ी।
शहर न्यूनतम अधिकतम
फरीदाबाद 2.6 10
गुरुग्राम 2.6 10
नोएडा 3.5 14
नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 464, फरीदाबाद 459 के साथ दूसरे स्थान पर
नई दिल्ली। कड़ाके की सर्दी के साथ इस बार दिल्ली-एनसीआर की हवा ने भी रुख बदल लिया। गुरुग्राम को छोड़कर सोमवार को एनसीआर के अन्य शहरों में वायु प्रदूषण सूचकांक(एक्यूआई) 400 से अधिक दर्ज किया गया। इस दौरान हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की सुस्त रफ्तार, मौसम में शत प्रतिशत नमी के कारण हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है। मौसम के मौजूदा हालात में हवा में घुले प्रदूषण फैलाने वाले कण एक ही जगह पर बने हुए हैं। नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 464, फरीदाबाद 459, दिल्ली में 446, ग्रेटर नोएडा में 434, गाजियाबाद में 439 जबकि गुरुग्राम में सबसे कम 316 रिकॉर्ड किया गया।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में हुई बढ़ोत्तरी
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