गढ़ के स्याना चौपला पर निर्माणाधीन फ्लाई ओवर की दीवार से मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे एक कार टकराकर बीच से दो हिस्सों में बंट गई।
कार सवार गाजियाबाद की एक युवती और एक युवक समेत तीन युवकों की मौत हो गई। एक युवक और चालक गंभीर घायल हो गए। ये पांचों दोस्त गाजियाबाद से गंगा स्नान करने ब्रजघाट जा रहे थे।
हादसे के दौरान कार बेहद तेज गति में थी। हादसे में कार चालक प्रदीप उर्फ प्रह्लाद पुत्र मलखान निवासी देवसैनी थाना कुवासी जिला अलीगढ़, फैज आलम पुत्र जमील निवासी मोहल्ला दूधिया पीपल डासना गाजियाबाद, निशा पुत्री नन्हू टेलर निवासी जागृति विहार, दीपांशु पुत्र कर्मवीर सिंह निवासी गांव गढ़ी थाना सिहानी गेट गाजियाबाद, भरत पुत्र कुंवरपाल सिंह नयागांव खोरइया थाना राया जिला मथुरा गंभीर घायल हो गए।
घटनास्थल के आसपास स्थित होटल के लोगों ने गढ़ कोतवाली को सूचना दी। पुलिस वाले लोगों के सहयोग से घायलों को कार में लेकर गढ़ सीएचसी गई। जहां डॉक्टरों ने निशा, दीपांशु और भरत को मृत घोषित कर दिया।
दीपांशु गाजियाबाद में प्रॉपर्टी डीलिंग करता था और निशा निजी कंपनी में जॉब करती थी। मथुरा निवासी भरत आरडीसी के टायर कारोबारी विवेक त्यागी अपहरण कांड में मुख्य आरोपी भी था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। हादसे में घायल प्रदीप उर्फ प्रह्लाद और फैज आलम को मेरठ रेफर कर दिया।
दीपांशु के पिता बोले-दोस्त थे सभी
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर दीपांशु के पिता कर्मवीर सिंह ने हादसे की तहरीर दी है। एक्सीडेंट की खबर जैसे ही सुबह करीब साढ़े छह बजे दीपांशु के घर पहुंची कोहराम मच गया।
एमसीडी से रिटायर हुए दादा विशंभर वाल्मीकि के दीपांशु सबसे करीब था और उन्हीं के साथ ज्यादा समय बिताता था। दीपांशु के पिता कर्मवीर वाल्मिीकि एक निजी इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारी हैं।
दीपांशु को दोस्तों का घर में आना नहीं था पसंद
दीपांशु (23) को यह पसंद नहीं था कि उससे मिलने दोस्त घर आएं। इसलिए उसने गोविंदपुरम में हाल ही में फ्लैट किराए पर लिया था और फिलहाल वहीं रह रहा था।
दोस्तों और कारोबार से जुडे़ लोगों से वह गोविंदपुरम में ही मिलता था। पूजा ने बताया कि उन्होंने सिर्फ फैज का नाम पहले सुना था। अक्सर दीपांशु और फैज के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी। दीपांशू ने बहन से वादा किया था कि वह उसकी शादी धूमधाम से करेगा।
जिस कार को दिखाकर खुश था वही बनी मौत का कारण
दीपांशु के पास बुलेट मोटरसाइकिल है लेकिन सोमवार शाम को वह घर पर कार से आया था। दीपांशु के घर आने पर जब बुलेट की आवाज नहीं सुनाई दी तो बहन पूजा ने बुलेट के बारे में पूछा था।
दीपांशू ने बताया था कि वह कार से आया है, कार की चाभी भी पूजा को दिखाई थी। पूजा ने बताया कि वह बाहर निकल कर आई थी लेकिन कार घर के सामने नहीं बल्कि दूर साइड में खड़ी थी।
परिजनों को नहीं थी जानकारी
पूजा ने बताया कि शाम चार बजे जब दीपांशु घर से फ्लैट पर जाने की बात कहकर निकला था। उसने गंगा स्नान के लिए गढ़मुक्तेश्वर जाने की बात नहीं बताई थी। एक्सीडेंट के बाद सुबह पुलिस ने हादसे की जानकारी दी तो इसका पता चला।