दिनभर की उमस भरी गर्मी के बाद शाम को हुई बारिश से दिल्ली वालों को राहत मिली। दिल्ली में कई दिनों से आई बाढ़ के बाद रविवार को वीकेंड के दिन लोगों ने मौसम का खूब आनंद लिया।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार शाम होते-होते एक बार फिर से बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में बाढ़ग्रस्त इलाकों के लोगों की फिर से चिंता बढ़ गई है।
दिल्ली की मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने कश्मीरी गेट में बाढ़ प्रभावित प्रियदर्शिनी कॉलोनी का दौरा किया।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि हम दिल्ली में बाढ़ पर राजनीति नहीं करना चाहते हैं। इस बाढ़ के बाद जो कुछ देखने को मिल रहा है वो दुखद है। आज दिल्ली में तीन नहीं चार पार्टी हो गई हैं। आज अफसर भी अलग अपनी प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। एपेक्स कमेटी दिल्ली में मौजूद हैं। उस कमेटी में दिल्ली और केंद्र के सभी अहम अधिकारी मौजूद होते हैं। इस कमेटी के चेयमैन दिल्ली के सीएम होते हैं। इस कमेटी की मीटिंग में ये फैसला लिया जाता है की मॉनसून से पहले जो कदम उठाने चाहिए थे वो लिए गए हैं या नहीं। दोनों सरकार ये बता दें कि आखिर कितनी बैठकें इन्होंने की हैं। हमारी 15 साल की सरकार में भी बाढ़ की स्थिति आई है लेकिन ऐसे हालत कभी नहीं होने दिए।
आईएसबीटी में बाढ़ का पानी अभी तक नहीं निकला है। इस वजह से अंतरराज्यीय बस सेवा ठप है।
यमुना नदी के जलस्तर में लगातार कमी देखने को मिल रही है। रविवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 205.91 दर्ज किया गया।
कांग्रेस ने दिल्ली में बाढ़ को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल ने कहा कि हम तू-तू मैं-मैं में नहीं पड़ना चाहते हैं। पहले की तैयारी छह महीने पहले शुरू की जाती थी। दिल्ली को दिल्लीवालों के भरोसे नहीं छोड़ा जाता था। शीला दीक्षित की सरकार में सारी तैयारी पहले होते थी। पानी पहले भी आया है, लेकिन ऐसे हालत देखने को नहीं मिले हैं। आज दिल्ली में भाजपा और आप ने सिर्फ लोगों को धोखा दिया है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
मोरी गेट स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय में बाढ़ राहत शिविर का दौरा करने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यमुना नदी के आस-पास के निचले क्षेत्रों में कई लोगों के घरों में पानी घुस गया और उन लोगों के लिए दिल्ली सरकार ने अलग-अलग जगहों पर कई राहत शिविर लगाए हैं। दिल्ली में छह जिले प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित लोग जिनका सब कुछ बह गया, उनके सामान की भरपाई करने का तरीका भी हम निकाल रहे हैं। पंप से पानी निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अब धीरे-धीरे पानी का स्तर कम हो रहा है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मोरी गेट इलाके के राहत शिविर में पहुंचे हैं। उनके साथ मंत्री आतिशी भी हैं।
दिल्ली के मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले छह महीने से एलजी कहते रहे कि यमुना की सफाई चल रही है, अब जब इससे जुड़ी गलती सामने आई तो एलजी और भाजपा अरविंद केजरीवाल पर उंगली उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि यह उनकी जिम्मेदारी है। यही मुद्दा है दिल्ली में एलजी के पास सभी शक्तियां हैं और जो भी अच्छे काम हो रहे हैं, एलजी उसका श्रेय लेंगे, लेकिन जब कोई गलती होती है, तो आप सरकार को दोषी ठहराया जाता है।
यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। इस बीच लोहा पुल इलाके में एक सांप को देखा गया।
दिल्ली मेट्रो ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास अब खुल चुका है।
दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति बनने के बाद, भारतीय नौसेना की गोताखोर टीम ने यमुना बैराज, आईटीओ के गेट को खोलने के लिए एक अभियान चलाया।
यमुना में उफान जारी है, हालांकि नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर 205.98 मीटर दर्ज किया गया।
ओखाल जल संयंत्र के शुक्रवार को शुरू होने के बाद अब जल बोर्ड का चंद्रावल जल शोधन संयंत्र शुरू हो गया है। चंद्रावल जल शोधन संयंत्र के सही होने की जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर दी है।
रेलवे ब्रिज के नीचे जलभराव के कारण भैरो मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी है।
यमुना नदी का जलस्तर घटने से कश्मीरी गेट से मजनू का टीला तक सड़कों पर जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है।
यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने से मजनू का टीला से कश्मीरी गेट तक सड़क की स्थिति में सुधार हुआ है।
दिल्ली के आईटीओ में बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
दिल्ली के राजघाट में अभी भी पानी भरा हुआ है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से मयूर विहार इलाके में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के यमुना बाजार में जलभराव हो गया है।
यमुना नदी के लगातार उफान पर होने के कारण हुए भीषण जलजमाव ने आम लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मयूर विहार में राहत शिविर लगे।
यमुना के जलस्तर में लगातार कमी देखने को मिल रही है। रविवार सुबह सात बजे जलस्तर 206.08 दर्ज किया गया।