नोएडा में फ्लैट खरीदना अब और आसान हो गया है। फ्लैटों की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। सुविधाओं पर लगने वाले अधिकतम 25 फीसदी शुल्क को घटाकर 15 फीसदी कर दिया है।
साथ ही बहुमंजिली इमारतों में पांचवें तल से ऊपर के प्रत्येक तल पर दो फीसदी अतिरिक्त छूट मिलेगी। रिवाइज सर्किल शुक्रवार से लागू हो जाएगा।
मालूम हो कि प्रॉपर्टी बाजार में छाई आर्थिक मंदी के चलते इस बार प्लैटों का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। बीते दिनों सर्किल रेट पर दर्ज आपत्तियों पर निर्णय लेने के लिए बृहस्पतिवार को डीएम एनपी सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में बैठक हुई, जिसमें दो सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
पहला निर्णय यह कि सुविधाओं पर लगने वाले 25 फीसदी शुल्क की अधिकतम सीमा घटाकर 15 फीसदी कर दी गई है। अब प्रत्येक सुविधा के नाम पर सिर्फ तीन फीसदी कीमत जुड़ेगी।
यानी अगर सोसायटी या सेक्टर में जिम, क्लब, स्वीमिंग पूल, सिक्योरिटी गार्ड और लिफ्ट ये पांचों सुविधाएं हैं तो सर्किल रेट के हिसाब से संपत्ति की जितनी कीमत होती है, उसमें 15 फीसदी रेट और जुड़ जाएगा।
अब तक प्रत्येक सुविधा पर पांच फीसदी की दर से 25 फीसदी तक रेट जुड़ जाता था, जिस पर स्टांप शुल्क देना पड़ता था। क्रेडाई और डीड राइटर एलसी शर्मा की तरफ से सुविधाओं पर शुल्क घटाने की मांग की गई थी।
दूसरा फैसला भी फ्लैट खरीदारों से ही जुड़ा है। अब पांचवें तल से ऊपर के फ्लोर खरीदने पर कुल सर्किल रेट में दो फीसदी की छूट फ्लोर वाइज मिलेगी। यह छूट अधिकतम 20 फीसदी होगी।
अब अगर 15वें फ्लोर पर कोई फ्लैट खरीदता है तो उसे कुल कीमत में 20 फीसदी कम सर्किल रेट पर स्टांप शुल्क देना होगा। अब तक दूसरे तल के बाद प्रत्येक ऊपरी फ्लोर पर पांच फीसदी छूट मिलती थी।
अधिकतम सीमा 20 फीसदी ही थी। यानी तीन, चार, पांच और छठवें फ्लोर तक के खरीदारों को ही लाभ मिल पाता था।
इससे ऊपरी तल वालों को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिल रहा था। अब यह छूट 15वें फ्लोर तक के लोगों को मिल सकेगी।
कृषि भूमि दर फिर तय
प्राधिकरण के दबाव के बाद रजिस्ट्री विभाग ने चार गांवों की कृषि भूमि दर फिर से तय कर दी है। सोरखा जाहिदाबाद, सलारपुर खादर, गेझा और बरौला का कृषि दर 2.64 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर तय कर दी गई है।
इससे पहले प्रस्तावित रेट में इन गांवों में कृषि जमीन न बचे होने की बात कहकर रजिस्ट्री विभाग ने कृषि दर खत्म कर आबादी क्षेत्र घोषित कर दिया था, जिस पर प्राधिकरण ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
प्राधिकरण का कहना था कि इन गांवों में जमीन का अधिग्रहण बाकी है। कृषि रेट खत्म कर देने से किसानों से जमीन खरीदने के लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। अन्यथा किसान अपनी जमीन नहीं देंगे।
स्कूटर की पार्किंग तय
कारों के लिए ओपन और कवर्ड पार्किंग शुल्क तो तय था, मगर स्कूटर पार्किंग तय नहीं थी, जिससे ओपन पार्किंग के नाम पर पूरा शुल्क लिया जा रहा था।
इस बार के सर्किल रेट में स्कूटर पार्किंग का शुल्क 75,000 रुपये तय कर दिया गया है। यानी अगर फ्लैट या मकान में स्कूटर पार्किंग है तो उसे 75,000 रुपये पर स्टांप शुल्क देना पड़ेगा।
बार एसोसिएशन ऑफ नोएडा (एडवोकेट एंड डीड राइटर्स) केअध्यक्ष एसबी सिंह वैसोया की तरफ से स्कूटर पार्किंग का रेट तय करने की मांग की गई थी।
आपत्तियों का निस्तारण करते हुए रिवाइज सर्किल रेट को अंतिम रूप दे दिया गया है। शुक्रवार से नया रेट लागू हो जाएगा। अब नए रेट पर ही स्टांप शुल्क लगेगा।
आवासीय विकसित सेक्टरों के सर्किल रेटों में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं फ्लैटों के सुविधा चार्ज में दो प्रतिशत की कमी की गई है।
जबकि आईटी के बहुमंजिली इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर 70 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। ग्रेटर नोएडा के सबरजिस्ट्रार तेज सिंह यादव ने बताया कि फ्लैटों में छह प्रकार की सुविधाओं पर चार्ज वसूला जाता है।
अब तक ग्रेटर नोएडा में 2 प्रतिशत प्रति सुविधा के दर से 12 प्रतिशत सुविधा चार्ज वसूला जाता था। उसको दो प्रतिशत कम कर 10 प्रतिशत कर दिया है।
पहले फ्लैट की दरों में तीन तल के बाद छूट चालू होती थी। अब पांचवीं तल के बाद प्रति तल दो प्रतिशत की छूट मिलेगी।
अल्फा, बीटा, गामा समेत पहले से विकसित सेक्टरों के रेटों में एक हजार रुपये की सर्किल रेटों में बढ़ोतरी की गई है। अविकसित सेक्टरों में कोई इजाफा नहीं किया है।
कॉमर्शियल भवनों में ऊपर के तलों पर 65 प्रतिशत तक छूट दी गई है। वहीं आईटी के बहुमंजिले भवनों के प्रति तल पर छूट दी गई है जिसमें 70 प्रतिशत तक छूट शामिल है।
ग्रेटर नोएडा के गांवों में आवासीय भूखंडों के रेटों में 8 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। कृषि की जमीन के सर्किल रेटों में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
वहीं दादरी के आवासीय भूखंडों में 10 प्रतिशत और कृषि की जमीन के दरों में 10 से 15 फीसदी का इजाफा हुआ है।