न्यायालय के आदेश की अवमानना कर फार्म हाउस की विवादित दीवार गिराने के मामले में सीनियर जज सिविल डिवीजन महेश कुमार ने शुक्रवार को नगर निगम संयुक्त आयुक्त सुनीता वर्मा, एसडीएम फरीदाबाद धर्मेंद्र सिंह, एसडीओ एमसीएफ अशोक कुमार, ओपी मोर और जेई सुरेंद्र हुड्डा को तीन माह की सजा (सिविल) सुनाई।
इन अधिकारियों के खिलाफ विपुल गोयल (वर्तमान विधायक) व सात अन्य ने अवमानना याचिका दायर की थी। नगर निगम और डिस्ट्रिक्ट टाउन प्लान नियमों के मुताबिक जिले के कंट्रोल्ड एरिया में अस्थायी या स्थायी निर्माण कराए जाने की पाबंदी है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक अनखीर कंट्रोल्ड एरिया में आता है। यहां विपुल गोयल व अन्य सात लोगों के फार्म हाउस हैं। इन फार्म हाउस के चारों ओर बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया था।
नगर निगम की ओर से दीवार को अवैध निर्माण घोषित करते हुए फरवरी-मार्च 2014 में विपुल गोयल सहित सभी लोगों को नोटिस जारी किया गया था।
इस नोटिस के खिलाफ दूसरे पक्ष ने तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिवीजन अमृत सिंह चालिया की अदालत में 28 मार्च 2014 को याचिका दायर की थी।
अदालत ने 1 अप्रैल 2014 को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी कर दिए। स्टे ऑर्डर होने के बावजूद नगर निगम की ओर से 26 मई 2014 को दीवार ढहा दी गई।
विपुल गोयल सहित दूसरे पक्ष ने इस पर तत्कालीन संयुक्त आयुक्त एमसीएफ सुनीता वर्मा, तत्कालीन एसडीएम धर्मेंद्र सिंह सहित दो एसडीओ और एक जेई के खिलाफ न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की थी।
तब से इस मामले की सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को न्यायाधीश महेश कुमार ने एमसीएफ संयुक्त आयुक्त, एसडीएम फरीदाबाद सहित पांच लोगों को तीन माह की सजा (सिविल) सुनाई।