महिला ने जमकर किया हंगामा
पास में ही रहने वाली एक महिला नजमा ने हादसे के बाद मौके पर खूब हंगामा किया। उसका कहना था कि मलबे में उसका बेटा अफसर (10) दब गया है। घटनास्थल पर महिला काफी देर रोती रही। उसने सभी अस्पतालों के चक्कर भी लगाए। महिला का दावा था कि उसका बेटा उसी शीशम के पेड़ के नीचे अन्य बच्चों के साथ खेलता था। हालांकि शाम होते-होते उसका बच्चा मिल गया। शाम 7 बजे उसका बच्चा एक पार्क में मिला। बच्चे का कहना है कि कोई उसे बहला-फुसलाकर ले गया था।
2010 से अबतक हुए दिल्ली में हादसे
26 सिंतबर 2018 : अशोक विहार के सावन पार्क में पांच मंजिला इमारत गिरी। हादसे में सात की मौत, छह घायल।
1 जुलाई 2017 : लक्ष्मीनगर में तीन मंजिला इमारत गिरी, पांच लोग घायल।
16 जनवरी 2017 : पुरानी दिल्ली के चांदनी महल इलाके में 100 साल पुरानी इमारत गिरी। दंपती की मौत।
20 जुलाई 2015 : विष्णु गार्डन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरी। पांच लोग घायल।
28 जून 2014 : इंद्रलोक इलाके के तुलसी नगर में चार मंजिला इमारत गिरी। 10 की मौत, कई घायल।
9 अक्तूबर 2013 : सदर बाजार इलाके में दो मंजिला मकान गिरने से पिता-पुत्र की मौत।
12 दिसंबर 2012 : न्यू अशोक नगर इलाके में इमारत गिरने से पांच लोगों की मौत।
15 नवंबर 2010 : लक्ष्मीनगर के ललिता पार्क में चार मंजिला इमारत गिरी। हादसे में 70 से अधिक की मौत, 150 लोग घायल।