कानपुर के डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा पांच लाख का इनामी बदमाश विकास दुबे अब पनाह के लिए भटक रहा है। पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश की कार्रवाई के बाद से रिश्तेदार भी अब उससे पनाह देने से कन्नी काट रहे हैं। ऐसे में एक बैग में सिर्फ दो जोड़ी कपड़े और पैरों में स्लीपर पहने विकास दुबे दर-दर की ठोकरें खा रहा है। उसके पास ज्यादा पैसे भी नहीं बचे हैं।
फरीदाबाद में गिरफ्तार हुए आरोपियों प्रभात उर्फ कार्तिकेय, श्रवण और अंकुर से पुलिस को पूछताछ के बाद यह जानकारी हाथ लगी है। आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि 2 जून को कानपुर में हुए एनकाउंटर के बाद विकास दुबे को यह अहसास हो चुका था कि अब पुलिस उसे छोड़ेगी नहीं। इसलिए वह आनन-फानन में अपने साथ एक बैग में सिर्फ दो जोड़ी कपड़े ही ले पाया।
जल्दी में वह जूते भी नहीं पहन पाया। स्लीपर डालकर और थोड़ी नकदी लेकर वह कानपुर से भाग निकला था। इस दौरान उसके साथ दोनों बॉडीगार्ड कार्तिकेय उर्फ प्रभात और अमर दुबे भी आए थे।
प्रभात ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए विकास दुबे जल्दी-जल्दी ठिकाना बदल रहा है। यही कारण है कि 5 जुलाई को वह फरीदाबाद आए और इंद्रा कांप्लेक्स स्थित अंकुर एवं श्रवण के मकान में रुके। अगली सुबह 6 जुलाई को विकास के कहने पर अंकुर ने बड़खल मोड़ स्थित ओयो गेस्ट हाउस में एक कमरा बुक करा दिया था। हालांकि अमर होटल में नहीं गया। वह 6 जुलाई की रात को ही हमीरपुर के लिए निकल गया था। जहां यूपी पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया।
गिरफ्तार आरोपियों से ही पुलिस को पता चला है कि आरोपी विकास दुबे के पास पैसे भी खत्म हो रहे हैं। इसलिए ही वह अपने जानकारों और रिश्तेदारों के घरों में पनाह लेने की कोशिश कर रहा है। हालांकि यूपी पुलिस द्वारा कई राज्यों में विकास और उसके गुर्गों के पोस्टर चस्पा किए जाने के बाद सभी उससे बचने लगे हैं। कानपुर कांड से संबंधित मीडिया में लगातार चल रही खबरों के बाद कोई रिश्तेदार अब उसकी मदद नहीं कर रहा।
हरियाणा पुलिस के इनपुट से हमीरपुर में मारा गया अमर दुबे
यूपी के हमीरपुर में मंगलवार देर रात बदमाश अमर दुबे के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ हरियाणा और यूपी पुलिस के बेहतरीन समन्वय का परिणाम है। फरीदाबाद पुलिस ने ही अमर दुबे के हमीरपुर जाने की सूचना यूपी पुलिस को दी थी।
दरअसल इंद्रा कांप्लेक्स से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि अमर भी एक दिन पहले तक उनके साथ था, मगर विकास के पास नकदी खत्म होने के कारण वह रुपयों का इंतजाम करने ही हमीरपुर चला गया था। अमर दुबे का यह इनपुट मिलते ही फरीदाबाद पुलिस ने तत्काल इसे यूपी पुलिस के साथ साझा किया। इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अमर दुबे मारा गया।