दिल्ली के बेगमपुर में रविवार देर रात कागज की प्लेट बनाने वाली एक फैक्ट्री में आग लग गई। इस दौरान वहां सो रहे चार नाबालिग सहित पांच लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि फैक्ट्री मालिक और उसका साला झुलस गए।
मरने वालों में फैक्ट्री मालिक का बेटा, भाई और तीन भांजे शामिल हैं। दमकल की आठ गाड़ियों ने सुबह 6 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। पुलिस लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि स्पष्ट तौर पर आग लगने के किसी भी कारण का खुलासा नहीं हो पाया है। लोगों ने घटनास्थल पर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि आग लगने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक आग पूरी तरह से फैक्ट्री में फैल चुकी थी। पुलिस और दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने वहां फंसे पांचों को संजय गांधी अस्पताल पहुंचा दिया था।
क्या यही है आग लगाने वाला! उच्चस्तरीय जांच होगी
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त विक्रमजीत सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में कागज के बंडल रखे हुए थे। साथ ही वहां नंगे तार फैले थे। आशंका है कि शार्ट सर्किट से या वहां मौजूद लोगों के बीड़ी फेंकने से आग लगी होगी। लेकिन सच्चाई ये नहीं है।
इसलिए बिजली विभाग और फायर बिग्रेड के विशेषज्ञ से जांच करवाई जा रही है। वहीं पिंटू ने पड़ोस में रहने वाले पूर्व कर्मचारी राजा पर आग लगाने का शक जताया है। उसने बताया कि राजा उसके फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन दो दिन पहले ही झगड़ा होने पर उसे निकाल दिया था।
राजा ने उसे धमकी दी थी कि वह उसके पूरे परिवार को खत्म कर देगा। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पिंटू के आरोप की भी जांच होगी।
पिंटू ने बताया कि रविवार रात काम खत्म करने के बाद करीब 12:30 तक फैक्ट्री में सभी लोगों ने बात कर रहे थे। उसके बाद वह घर में आकर सो गया।
' ... बहनों को क्या जवाब दूंगा'
रात करीब तीन बजे धरमवीर ने बताया कि फैक्ट्री में आग लग गई है। इसके बाद आग में फंसे सभी लोगों को निकाला गया। उस समय शिवम की सांसें चल रही थी। पिंटू ने बताया कि निरंजन अपने मामा धरमवीर के साथ रात में फैक्ट्री में रुक गया।
आग और धुआं में दम घुटने के समय धरमवीर इतना डर गया कि वह निरंजन को भी लेकर भाग नहीं पाया। धरमवीर ने बताया कि वह और विपिन बाहर में सो रहे थे, जबकि सभी बच्चे कमरे में सो रहे थे। आग लगने के बाद वह विपिन को बच्चों को बचाने को कहा और वह भागकर पिंटू के पास पहुंचा।
तीन भांजों को खोने वाला फैक्ट्री मालिक पिंटू कुमार सहमा हुआ है। वह भांजों की मौत के बारे में अपनी बहनों को क्या कहेगा। पिंटू ने बताया कि इस हादसे में वह अपने बेटे को खोया है, लेकिन दो बहनों ने उसकी जिम्मेदारी पर अपने बेटों को दिल्ली भेजा था। तीनों लड़के खगड़िया (बिहार) से छठ मनाने दिल्ली आए थे। श्रवण और शिवम सगे भाई थे, जबकि निलेश उसकी दूसरी बहन का बेटा था।