प्रदेश के सात जिलों में की गई केबल की जांच रिपोर्ट में केबल गुणवत्ता में फेल पाई गई। इसकी एवज में बिजली विभाग की ओर से ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने कहा बिजली विभाग अधिकारियों की मिली भगत का एक मामला दो दिन पहले भी सामने आया है। उन्होंने विभाग के जेई प्रेम सिंह और एसडीओ जवाहर पर आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों की मिली भगत से सेक्टर 76 की एक सोसायटी को चोरी से बिजली दी जा रही है।
सोसायटी के बाहर 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाकर फ्लेट धारकों से सरेआम वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस से की गई, मगर छापेमारी से पहले विजिलेंस टीम ने जेई को इसकी सूचना दे दी। इससे मौके पर सब कुछ सही मिला। प्रेसवार्ता में मौजूद बाबा रामकेवल और डॉ. ब्रह्मदत्त ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती है, वहीं बिजली विभाग स्वंय सीएम मनोहर लाल के पास है और उसमें ही घोटाला हो रहा है।