नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस ने चंडीगढ़ में गैंगस्टर की हत्या में आरजू-अनमोल बिश्नोई-हैरी बॉक्सर गिरोह के पांच सदस्यों पीयूष पिपलानी, अंकुश सोलंकी, कुंवरबीर, लवप्रीत सिंह और संतोख उर्फ कपिल खत्री को गिरफ्तार किया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के पूर्व करीबी सहयोगी इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की एक दिसंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में एक क्लब से निकलने के कुछ ही समय बाद हत्या कर दी गई थी। आरोपी बदमाश दिल्ली में कई ग्रुप में आए थे।
स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने कहा कि पैरी जब अपनी एसयूवी में बैठा था तभी एक हमलावर ने उस पर करीब से गोली चलाई और अपने साथियों के साथ फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल पैरी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस हत्या के पीछे का कारण गिरोहों के बीच आपसी दुश्मनी होना बताया था। पैरी पहले बिश्नोई गिरोह से जुड़ा हुआ था, लेकिन ऐसा माना जाता है कि वह कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के गिरोह में शामिल हो गया था। चंडीगढ़ के सेक्टर-33 के रहने वाले पैरी के खिलाफ केंद्र शासित प्रदेश और पंजाब में हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, मारपीट, दंगा और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराधों सहित कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
लॉरेंस बिश्नोई के साथ पैरी का संबंध कॉलेज के दिन से था, जहां उन्होंने 2010 में पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र संगठन के माध्यम से छात्र राजनीति में प्रवेश किया था। दोनों अतीत में एक साथ जेल जा चुके हैं। पैरी की हत्या के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि यह हत्या दुबई में उनके वित्तपोषक की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। पुलिस के मुताबिक पैरी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आरोपी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कई आपराधिक मामलों में वांछित थे।
गिरफ्तार आरोपियों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
पीयूष पिपलानी
पंचकूला, हरियाणा निवासी पीयूष पिपलानी (28) रोशन लाल का बेटा 1 दिसंबर, 2025 को सेक्टर 26, चंडीगढ़ में हुई इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या में मुख्य शूटर था। वह 5 जून, 2025 को पिंजौर, पंचकूला, हरियाणा में हुई राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा की हत्या में भी मुख्य शूटर था।
अंकुश सोलंकी
पंचकूला, हरियाणा निवासी अंकुश सोलंकी (23) पुत्र सुनीत इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या में शूटरों में से एक था और सोनू नोल्टा की हत्या में भी शूटर था। ये भी पहले छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
कुंवरबीर
अमृतसर, पंजाब निवासी कुंवरबीर (30) पुत्र शीतल इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या में वांछित था, वह उस कार का ड्राइवर था जिसमें पीयूष और अंकुश इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी को मारने के लिए गए थे। ये भी पहले छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
लवप्रीत सिंह
नारायणगढ़, पंजाब निवासी लवप्रीत सिंह (26) पुत्र सुखदेव सिंह को हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया था। वह आगे अपराध करने के लिए आरजू और अनमोल बिश्नोई-हैरी बॉक्सर सिंडिकेट से जुड़े अपने साथियों के साथ शामिल था। इसके खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
संतोख
जिला तरनतारन, पंजाब निवासी संतोख उर्फ कपिल खत्री (29) पुत्र जसपाल कुमार सितंबर 2025 में अमृतसर, पंजाब में लायन बार एंड रेस्टोरेंट के मालिक आशुतोष महाजन उर्फ आशु की हत्या में वांछित था।
पहाड़गंज में आने की मिली थी खबर
एसीपी धर्र्मेंद्र कुमार ने बताया कि इनपुट मिला था कि आरोपी दिल्ली के पहाड़गंज में आए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर कुंवरबीर सिंह, कपिल और लवप्रीत सिंह उर्फ लव को रिंग रोड, शांति वन के पास से गिरफ्तार किया। पकड़े गए तीनों के कुछ और साथी भी कुछ समय में दिल्ली आने वाले थे। पुलिस टीम ने सरायकाले खां संसाधनों की अतिरिक्त तैनाती और टेली-सेलेक्टरों की रियल टाइम मॉनिटरिंग से एक और टीम दिल्ली के सराय काले खां बस स्टैंड इलाके में पहुंची, जहां से आरोपी पीयूष पिपलानी और अंकुश सोलंकी को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली में रोक दी गई वारदात
आरोपियों से कुल 4 हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों को दिल्ली में एक साथ मिलकर एक अज्ञात लक्ष्य को अंजाम देने का निर्देश दिया था, जो उस सिंडिकेट से धमकी और जबरन वसूली कॉल के शिकार कई लोगों में से एक था। इस प्रकार पुलिस की कार्रवाई से राष्ट्रीय राजधानी में एक संभावित जघन्य अपराध को रोका गया है। आगे की पूछताछ और जांच जारी है,