तिहाड़ जेल में सजा काट रहीं महिला कैदी अब जेल परिसर में ही खुले आकाश के तले रोज कहीं भी जा सकेंगी। रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के बाद वह जेल के अंदर ही दैनिक कार्य कर शाम को अपने लिए नियत स्थान पर लौट सकेंगी।
इसके लिए तिहाड़ में दिल्ली की पहली सेमी ओपन जेल का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जिसमें जल्द ही महिला कैदियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जेल में दो तिहाई सजा काट चुकीं ऐसी महिला कैदियों के व्यवहार में हुए बदलाव को देखते हुए उनके जीवन स्तर में सुधार के लिहाज से उनके लिए सेमी ओपन जेल का निर्माण किया गया है। दिल्ली की किसी भी जेल में यह पहली सेमी ओपन जेल है, जहां महिला कैदियों को शिफ्ट करने की जल्द शुरुआत की जाएगी।
सेमी ओपन जेल में बंद कैदियों को तमाम जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाने सहित जेल परिसर के अंदर ही रोजगार भी कर सकेंगी। इससे जहां जेल में बंद महिलाओं के व्यवहार के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक बदलाव भी आएगा।
व्यवहार में आएगा बदलाव
महानिदेशक (जेल) अजय कश्यप ने बताया कि दिल्ली प्रिजन रूल-2018 के तहत सेमी ओपन जेल का निर्माण किया गया है। इसमें जल्द ही महिला कैदियों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिन कैदियों ने अपनी दो तिहाई सजा पूरी कर ली हो और इस दौरान जिनके व्यवहार में सुधार आया है, उनको इस जेल में रखने का प्रावधान किया गया है।
शाम तक वह जेल परिसर के अंदर काम करने और इधर उधर घूमने के बाद सेमी ओपन जेल में लौट सकेंगी। इससे न केवल उनके बर्ताव में सुधार, बल्कि रोजगार का एक जरिया भी जेल के अंदर ही मिल सकेगा। कुछ संगीन अपराध को छोड़कर अन्य धाराओं के तहत जेल में बंद महिलाओं के लिए यहां प्रावधान होगा। सभी मानकों को पूरा करने वाली 11 महिला कैदियों को फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा।