गुड़गांव के हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। रोगी को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से बिना किसी रुकावट के गुड़गांव के अस्पतालों में लाने के लिए कॉरिडोर ऑफ लाइफ की स्थापना के बाद अब यहां हैलीपोर्ट के निर्माण का निर्णय लिया गया है। गुड़गांव में इसे देश के पहले मॉडल के रूप में बनाया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर ऐसा ही हेलीपोर्ट देश के दूसरे हिस्से में बनाने की योजना है।
सरकार ने गुड़गांव में आपदा प्रबंधन और मेडिकल हब के रूप में बढ़ते महत्व को देखते हुए यहां एयर एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करने के लिए हेलीपोर्ट हब बनाने का फैसला लिया है। इसे लेकर सोमवार को उपायुक्त शेखर विद्यार्थी की एक एविएशन कंपनी केपी एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर कर्नल संजय सिंह भी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि हेलीपोर्ट हब शहर में हाइवे तथा केएमपी एक्सप्रेसवे के नजदीक बनाया जा सकता है। यहां हर समय कम से कम एक हेलीकॉप्टर अवश्य उपलब्ध रहेगा। कर्नल संजय सिंह ने बताया कि आपदा के दौरान इस हेलीकॉप्टर का प्रयोग पीड़ितों को राहत व सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन नि:शुल्क करेगा। भूकंप आने या ऊंची इमारतों में आग आदि लगने की स्थिति में भी इसकी मदद ली जाएगी।
बैठक में डीसीपी मुख्यालय बदन सिंह, डीसीपी साउथ विनोद कौशिक, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त वत्सल वशिष्ठ, गुड़गांव दक्षिणी के एसडीएम तरुण पावरिया, पटौदी के एसडीएम वीरेंद्र चौधरी, सिविल सर्जन डा. पुष्पा बिशभनोई, जिला राजस्व अधिकारी तरसेम शर्मा, आपदा प्रबंधन की रिसर्च ऑफिसर लक्षिता बूरा, केपी एविएशन के चीफ पायलट कैप्टन टक्साली तथा प्रोजेक्ट हेड अंकित भी उपस्थित थे।