रोहिणी कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहली बार तलाक का फैसला सुनाया। एक दंपती की ओर से दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी।
परिवार न्यायालय के न्यायाधीश दीपक गर्ग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले की सुनवाई की। अदालती कार्यवाही के दौरान तलाक के लिए आवेदन करने वाले पति व पत्नी के बयान अदालत ने दर्ज करवाए। दोनों बयानों के आधार पर कोर्ट ने 12 जून को तलाक की मंजूरी दे दी।
यह फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा, ‘‘मैं संतुष्ट हूं कि याचिकाकर्ताओं ने बिना जोर जबरदस्ती, धोखाधड़ी और अनुचित प्रभाव के बगैर स्वेच्छा से तलाक की याचिका पर रजामंदी जाहिर की है।’’
याचिकाकर्ताओं ने शादी से संबंधित अपने सभी विवादों को हल किया और कोई भी मुकदमा शुरू नहीं करने या एक दूसरे और परिवार के सदस्यों के खिलाफ भविष्य में कोई दावा नहीं करने पर सहमति जताई।
याचिकाकर्ताओं की जून 2017 में शादी हुई थी। दिसंबर 2018 से दोनों अलग रह रहे थे। हालांकि इस दौरान दोनों के परिवारों ने उनके बीच के विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उनके सभी प्रयास विफल रहे। आखिरकार दोनों ने तलाक लेने का फैसला किया।