दिल्ली की पांचवीं विधानसभा का पहला सत्र बुधवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन सदन में 67 विधायकों ने भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने और पद के कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली।
प्रोटेम स्पीकर चौधरी मतीन अहमद ने सभी विधायकों को शपथ दिलवाई। 70 विधायकों में से चौधरी मतीन अहमद को उपराज्यपाल नजीब जंग ने सुबह राजनिवास में प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलवाई।
जबकि आप के संगम विधायक दिनेश मोहनिया और कांग्रेस के सुल्तानपुर माजरा से विधायक जयकिशन शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे। सत्र की शुरुआत दो बजे हुई। प्रोटेम स्पीकर चौधरी मतीन अहमद ने सबसे पहले नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
फिर स्थापित परंपराओं के अनुरूप नयी सभा के गठन पर जनता के कल्याण की जिम्मेदारी है। पहले दो मिनट का मौन रखा गया।
फिर सबसे पहले अरविंद केजरीवाल और उसके बाद मंत्री मनीष सिसोदिया, सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज, राखी बिड़ला, सत्येंद्र जैन और फिर गिरीश सोनी ने शपथ ली। केजरीवाल समेत सभी मंत्रियों व विधायकों ने हिंदी में शपथ ली।
विधानसभा में पहला मौका था जब सिर्फ एक विधायक अरविंदर सिंह लवली (कांग्रेस) ने अंग्रेजी में शपथ ली। भाजपा के त्रिनगर विधायक नंद किशोर गर्ग और बाबरपुर से विधायक नरेश गौड़ ने संस्कृत में शपथ ग्रहण की।
नौ सिख विधायकों में से तीन विधायकों ने पंजाबी में शपथ ली। भाजपा विधायक हरमीत सिंह, आरपी सिंह और शिरोमणि अकाली दल विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा का नाम शामिल है।
कांग्रेस के विधायक हारून यूसुफ, हसन अहमद व आसिफ मोहम्मद खान और जेडीयू विधायक शोएब इकबाल ने उर्दू में शपथ ली। शपथ समारोह में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके मंत्रियों को परंपरा के अनुकूल शपथ के बाद आसीन अध्यक्ष से हाथ मिलाकर प्रमाण करने के लिए अधिकारियों को ले जाना पड़ा।
दो विधायक शपथ नहीं ले सके हैं, उन्हें बृहस्पतिवार को शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद विश्वास मत हासिल करने का प्रस्ताव आएगा।