संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बढ़ी जुर्माने की राशि पर रविवार से चालान शुरू हो गए। हालांकि, दिल्ली सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले दिन सिर्फ कोर्ट के चालान किए। लोगों को पता ही नहीं चल रहा था कि उनका कितने रुपये का चालान हुआ है। पता चला तो वह सदमे में आ गए और मौके पर ही जम गए।
उन्हें उम्मीद थी कि किसी तरह उनका चालान रद्द हो जाए। कुछ लोग इस जिद पर अड़े थे कि उनका मौके पर ही कैश चालान कर दिया जाए। अमर उजाला संवाददाता पुरुषोत्तम वर्मा, नवनीत शरण और राजीव कुमार ने राजधानी में कई इलाकों की पड़ताल की तो कई जगह ट्रैफिक पुलिसकर्मी कम नजर आए तो, कहीं आराम फरमाते दिखाई दिए।
मथुरा रोड, पुराना किले के पास
पुराना किले के पास
- फोटो : अमर उजाला
साहब! हम राजस्थान से आए हैं...
आईटीओ से लाजपत नगर की ओर जाने वाले कैरिज्वे पर रविवार सुबह ट्रैफिक पुलिसकर्मी चालान काटते नजर आए। उन्होंने राजस्थान नंबर की आल्टो कार को रोका। चालक ने भैरो रोड से मथुरा रोड टी-प्वाइंट से लेफ्ट टर्न लेेने पर रेड लाइट जंप की थी। पुलिसकर्मियों ने उसका चालान कर दिया था और लाईसेंस जब्त कर लिया था। चालक जयकिशन का कहना था कि साहब हम तो राजस्थान से आए हैं। पता नहीं था कि दिल्ली में रविवार से संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट लागू हो गया। जुर्माने की 10 हजार की राशि के बारे में बताया तो वह सदमे में आ गया। करीब 45 मिनट तक उसने चालान रद्द करने की गुहार लगाई।
रिंग रोड, भैरो मार्ग टी-प्वाइंट
भैरव मार्ग के पास
- फोटो : अमर उजाला
कैश चालान कर दो...
रिंग रोड पर भैरो मार्ग टी-प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने सुबह से ही अभियान शुरू कर दिया था। यहां पर गाजियाबाद से बाइक से दिल्ली आए रमाशंकर का डिफेक्टिव नंबर प्लेट का चालान किया गया। रमाशंकर ने बताया कि उन्हें बढ़ी जुर्माने की राशि के बारे में पता नहीं था। वह ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से छोड़ देने की गुजारिश करता नजर आया। गाजियाबाद से ही इर्विन अस्पताल जा रहे रहे नईम का भी बिना हेलमेट का चालान किया गया था। नईम के बाइक पर पीछे बैठी महिला ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। नईम ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से कहता रहा कि उसका कैश चालान कर दो। पुलिसकर्मियों ने जब उसे जुर्माने की राशि के बारे में बताया तो वह सदमे में आ गया। मो. आरिफ की बाइक की जब्त ही कर लिया गया। उसकी बाइक पर बैठे युवक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। उसके पास प्रदूषण सर्टिफिकेट भी नहीं था।
इंडिया गेट
इंडिया गेट
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रेड लाइट जंप करने पर 10 हजार का जुर्माना
बाइक सवार विनय का हेलमेट नहीं पहनने पर चालान किया गया था। विनय बाइक पर पीछे बैठा था और हेलमेट उसके हाथ में था। उसका दो हजार रुपये का कोर्ट का चालान किया गया तो उसने कहा कि काश उसने हेलमेट नहीं उतारा होता। उसे भी नए नियमों की जानकारी नहीं थी। महावीर एंक्लेव में रहने वाले कार चालक राहुल का रेड लाइट जंप करने पर 10 हजार का चालान किया गया। वह करीब आधा घंटे तक पुलिसकर्मियों से माफ करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी एक न चली।
लक्ष्मी नगर लालबत्ती
लक्ष्मी नगर
- फोटो : अमर उजाला
यहां होता रहा नियमों का उल्लंघन
लक्ष्मी नगर में ट्रैफिक पुलिस सक्रिय नहीं दिखी। रोजाना की तरह रविवार को भी लोग बिना हेलमेट व नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। यमुनापार के बड़े बाजारों में शुमार लक्ष्मी नगर मार्केट के मुख्य चौराहे पर लालबत्ती गुल थी और वाहन चालक मनमानी कर रहे थे। चालान तो दूर, बत्ती बंद होने पर ट्रैफिक का संचालन करने के लिए कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं था। उधर, बूथ में कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मी मिले, जिन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि उन्होंने सुबह एक-दो चालान किए थे। उन्होंने माना कि अभी लोगों को नए नियम की जानकारी नहीं है।
आईटीओ
आईटीओ
- फोटो : अमर उजाला
यहां पुलिसकर्मी ही नहीं थे
दिल्ली के सबसे व्यस्तम चौराहा माने जाने वाला आईटीओ का हाल भी कुछ ऐसा ही था। वहां भी पुलिसकर्मी नहीं थे और लोग बाइक पर महिलाओं को बिना हेलमेट पहनाकर आसानी से वहां से निकल रहे थे। उन्हें चालान का कतई डर नहीं था। यहां सबसे ज्यादा वाहन चालक जेबरा क्रॉसिंग पर नियम तोड़ते दिखाई दिए।
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर
कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
प्लीज अदालत का चक्कर नहीं कटवाओ
यातायात नियम तोड़ने वालों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अदालत का चक्कर लगाना पड़ेगा। मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के पहले दिन ट्रैफिक पुलिस से लोग चिरौरी करते रहे कि चालान काटकर कैश रकम ले लो और ड्राइविंग लाइसेंस वापस कर दो, लेकिन पुलिस यह मानने को तैयार नहीं दिखी। यह भी कहते सुना गया कि प्लीज! अदालत का चक्कर नहीं कटवाओ, चालान काटकर लाइसेंस दे दो। रविवार के दिन कानॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के समीप कई वाहन चालक ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद पुलिस से उलझते भी दिखें। उनका कहना था कि पहले तो चालान कैश में लेकर पुलिस उनका लाइसेंस जब्त नहीं करती थी, अब ऐसा क्या हुआ। नये नियम को लेकर भी वाहन चालक अनभिज्ञता जता रहे थे।