कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के सामने पहला बैंक्वेट हॉल कोरोना सेंटर के रूप में तैयार हो चुका है। बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 100 बेड के केंद्र का दौरा किया।
इस दौरान अस्पताल के चिकित्सीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इस केंद्र को लोकनायक अस्पताल से जोड़ा गया है। यहां कोरोना के हल्का असर वाले मरीजों को रखा जाएगा। हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। ऐसे कई बैंक्वेट हॉल कोरोना केंद्र के रूप में तब्दील किए जाएंगे। डॉक्टर फॉर यू एनजीओ की सहायता से यहां मरीजों की देखभाल होगी।
केंद्र का आदेश सही नहीं : केजरीवाल
इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना मरीजों के लिए केंद्र द्वारा जारी किए गए आदेश को लेकर सवाल उठाए। कहा, मुझे कोरोना के हल्के और बिना लक्षण वाले कई लोगों के फोन आ चुके हैं। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार ने सभी कोविड मरीजों को हेल्थ असेसमेंट के लिए कोरोना केयर सेंटर भेजने का जो यह नया आदेश निकाला है, वह सही नहीं है।
केंद्र सरकार तेज बुखार और खराब तबीयत वाले मरीजों को लंबी कतारों में क्यों खड़ा करना चाहती है? उन्होंने कहा कि केंद्र ने जिस भी कारण से यह आदेश जारी किया है। हो सकता है कि कोई गलतफहमी रही हो, अब उस आर्डर को वापस ले लेना चाहिए। जहां तक हेल्थ असेसमेंट की बात है, दिल्ली सरकार ने नियमों के अनुसार डॉक्टरों की टीम कोरोना मरीजों के घर जाकर यह काम कर रही है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 13500 में से अभी 6200 बेड इस्तेमाल हो रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 4 हजार मरीज बढ़े हैं, लेकिन अतिरिक्त बेड की जरूरत नहीं पड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सभी कोविड मरीजों को क्वारंटीन केंद्र जाकर जांच कराने की बाध्यता के आदेश को वापस ले लेना चाहिए, यह व्यवस्था ठीक नहीं है।
सीएम ने कहा कि जिन मरीजों को आईसीयू में जाने की जरूरत नहीं है, वे मरीज यहां रह सकते हैं। यदि किसी मरीज की हालत गंभीर होती है, तो उसे तुरंत सड़क पार स्थित लोकनायक अस्पताल में लेकर जाया जा सकता है। इस तरह का यह पहला बैंक्वेट हाल शुरू हो रहा है।