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Amrit Bharat Train: अयोध्या-दिल्ली के बीच चलेगी पहली अमृत भारत, 30 को PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी; पढ़ें खूबियां

Mon, 25 Dec 2023 09:05 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Amrit Bharat Train: रेल मंत्री ने कहा कि चलने के दौरान अमूमन ट्रेन धीरे और तेज होती रहती हैं। इससे कई बार झटके भी लगते हैं, जबकि पुल-पुश तकनीक में ट्रेन का एक्सीलरेशन ज्यादा होने से झटके नहीं लगते। साथ ही ट्रेन जल्द रफ्तार पकड़ लेगी।
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अमृत भारत ट्रेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की पहली अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) 30 दिसंबर को अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) इसे हरी झंडी दिखाएंगे। वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) की तर्ज पर डिजाइन यह देश की पहली पुल-पुश ट्रेन है, जिसमें दो इंजन लगेंगे। इसमें दूसरा इंजन ट्रेन के आखिरी कोच के बाद होगा। दोनों इंजन ट्रेन को रफ्तार देंगे। आगे का इंजन ट्रेन को खींचेगा, जबकि पीछे का इंजन धक्का देगा। ट्रेन 130 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सोमवार को इसकी जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर अमृत भारत ट्रेन का निरीक्षण भी किया। रेल मंत्री ने बताया कि देश के सभी रूटों पर इस तरीके की ट्रेन चलाई जाएंगी। हर माह 20 से 30 अमृत भारत ट्रेनें बनाई जाएंगी।

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अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, दुनिया भर में दो तरह की तकनीक रेलवे में लगती हैं। पहली डिस्ट्रीब्युटेड पावर, जिसमें हर दूसरे और तीसरे कोच में मोटर लगी होती है और ऊपर से बिजली आती है, वंदे भारत ट्रेन इसी तकनीक पर बनी है। दूसरी तकनीक पुल और पुश होता है, इसमें एक इंजन आगे लगा होता है जो ट्रेन को खींचता है और दूसरा इंजन पीछे लगा होता है जो ट्रेन को धक्का देता है। दोनों तकनीक पर देश में अपने इंजीनियरों द्वारा ट्रेन बनाई जा रही है। डिस्ट्रीब्युटेड पावर से वंदे भारत और पुल पुश टेक्नोलॉजी से अमृत भारत ट्रेन को बनाया गया है।

झटके नहीं लगेंगे, जल्द रफ्तार पकड़ेगी
रेल मंत्री ने कहा कि चलने के दौरान अमूमन ट्रेन धीरे और तेज होती रहती हैं। इससे कई बार झटके भी लगते हैं, जबकि पुल-पुश तकनीक में ट्रेन का एक्सीलरेशन ज्यादा होने से झटके नहीं लगते। साथ ही ट्रेन जल्द रफ्तार पकड़ लेगी। इससे समय बचेगा। यदि यह ट्रेन दिल्ली से कोलकाता तक जाती है तो करीब दो घंटे का समय बचेगा। इसके टॉयलेट में पानी कम बर्बाद होगा। उन्होंने कहा कि ट्रेन बनाने के लिए बहुत बड़े बदलाव किए गए हैं। अमृत भारत ट्रेन में इस तरह से दो कोच के बीच सेमी परमानेंट कपलर लगाए गए हैं कि ट्रेन चलने या रुकने पर झटका नहीं लगेगा। सेमी परमानेंट कपलर के जरिये ट्रेन के दो डिब्बे एक-दूसरे से परमानेंट जुड़े होते हैं, उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। पहले की ट्रेनों में सीबीसी कपलर लगे हैं, जिससे ट्रेन के डिब्बों को अलग किया जा सकता है।

सुविधाओं का रखा गया है विशेष ध्यान
अमृत भारत (Amrit Bharat Train) नॉन एसी ट्रेन है, जबकि वंदे भारत (Vande Bharat Train) पूरी तरह एसी ट्रेन है। ट्रेन के कोच पूरी तरह शीशे से कवर हैं। इतना ही नहीं, ट्रेन में दोनों तरफ लगे इंजन को बेहतर किया गया है। चालक केबिन में एयर कंडीशन लगाया गया है, जिससे चालक को ट्रेन चलाने में समस्या न हो। इस ट्रेन में कवच लगे हैं, जिससे दो ट्रेनों के टकराने की संभावना नहीं होगी। चालक के केबिन में वाइब्रेशन भी काम होगा जिससे असुविधा नहीं होगी। यात्रियों के सुविधा के लिए अच्छी सीट और चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था है। जनरल कोच में भी ऊपर वाली सीट कुशन की है, जिससे यात्रियों का सफर आरामदायक होगा।
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सभी राज्यों में चलेगी अमृत भारत ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) का ट्रायल रन हो चुका है जो संतोषजनक और उत्साहवर्धक रहा है। बहुत जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से इस ट्रेन को है हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद करीब पांच महीने तक इस ट्रेन को सामान्य तरीके से चलाया जाएगा। इस दौरान तकनीकी समस्याओं पर नजर रख उनका समाधान किया जाएगा। इसके बाद हर माह 20 से 30 अमृत भारत ट्रेन बनाई जाएंगी और उनका संचालन देश के सभी रूटों पर किया जाएगा। आने वाले समय में अमृत भारत ट्रेन में जनरल, स्लीपर, एसी व सभी प्रकार के कोच होंगे। फिलहाल अभी अमृत भारत ट्रेन में सिर्फ जनरल और स्लीपर कोच हैं।
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